मुंबई, 3 फरवरी। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर पलटवार किया है। रेड्डी ने एसआईआर को लेकर कहा कि गरीबों से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इस पर संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस बेवजह एसआईआर का विरोध कर रही है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि यह अब एक फैशन बन गया है कि जहां भी एसआईआर होने वाली होती है, विपक्ष में बैठे लोग सच्चाई जाने बिना उसका विरोध शुरू कर देते हैं। बिहार में इसे प्रयोग के तौर पर लागू किया गया था। कांग्रेस-राजद ने इसका विरोध जताया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। आयोग ने मतदाता सूची को सही किया। नतीजा यह रहा कि 67 लाख फर्जी मतदाता सूची में पाए गए। सभी को हटा दिया गया। उनमें कुछ ऐसे मतदाता थे, जो मृत थे, कुछ बांग्लादेशी और रोहिंग्या थे, लेकिन मतदाता सूची में बने हुए थे। तमाम फर्जी मतदाताओं को बाहर निकाला गया। चुनाव के दौरान किसी मतदाता ने यह नहीं कहा कि उन्हें गलत तरीके से हटाया गया। बिहार में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक लागू की गई। यूपी में भी करोड़ों फर्जी मतदाता पाए गए हैं।
शिवसेना नेता ने कहा कि तेलंगाना में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कांग्रेस की सरकार विरोध कर रही है। कांग्रेस खुद वोट चोरी का मुद्दा उठाती है, लेकिन जब फर्जी मतदाताओं को निकालने की बात हो रही है तो विरोध क्यों कर रही है। एसआईआर वोटर लिस्ट को दुरुस्त और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक अच्छी प्रक्रिया है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ पर बातचीत काफी समय से चल रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ में कमी की घोषणा की, जो एक बहुत अच्छा कदम है। अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ का टंटा खत्म हो गया है। भारतीय उत्पादों पर अमेरिका अब 18 प्रतिशत ड्यूटी लगाएगा। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत की यह कामयाबी है। पीएम मोदी को इस शानदार उपलब्धि के लिए ढेर सारी बधाइयां। जहां तक क्रूड ऑयल की बात है, तो हमें तय करना है कि हमें तेल कहां से खरीदना है। भारत को अपने हितों के आधार पर व्यापार करना चाहिए और अपने हितों के आधार पर एक्सपोर्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में डूबा हुआ है। विरोधी दल जानबूझकर इस दुर्घटना में साजिश ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। पूरी जांच डीजीसीए कर रही है। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। अगर उसके बाद भी षड्यंत्र लगता है तो निश्चित तौर पर जांच होनी चाहिए।