नई दिल्ली, 3 फरवरी। दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्थानीय निकायों को बेसिक टैक्स असाइनमेंट (बीटीए) की तीसरी एवं अंतिम किस्त के रूप में कुल 68,722.47 लाख रुपए की राशि जारी करने को स्वीकृति प्रदान की है।
इस स्वीकृत राशि में से 67,312.72 लाख रुपए नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को, 573.39 लाख रुपए दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (डीसीबी) को और 836.36 लाख रुपए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को आवंटित किए गए हैं।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि जारी की गई यह राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप, केवल जनहित, आवश्यक नागरिक सेवाओं एवं विकासात्मक कार्यों पर ही व्यय की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि धन के उपयोग में पूर्ण वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं सावधानी सुनिश्चित की जाए
सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सक्षम और सुदृढ़ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बीटीए की तीसरी एवं अंतिम किस्त जारी होने से दिल्ली नगर निगम, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद को स्वच्छता, आधारभूत ढांचे, नागरिक सुविधाओं एवं आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य स्थानीय निकायों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि बेहतर नागरिक सेवाएं दिल्ली के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सकें।
सूद ने यह भी बताया कि दिल्ली को स्वच्छ, धूल-मुक्त बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 500 करोड़ रुपए की एकमुश्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। इसके अतिरिक्त शहर में स्वच्छता सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए आने वाले वर्षों में एमसीडी को 300 करोड़ रुपए की नियमित वार्षिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह राशि कचरा प्रबंधन, स्वच्छता सेवाओं के संचालन, लंबित बकाया के भुगतान, ठेकेदार-विहीन क्षेत्रों से कचरा उठाने तथा धूल प्रदूषण कम करने के लिए छोटे-मोटे सड़क मरम्मत कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस राशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा और इसकी कड़ी निगरानी की जाएगी।