नई दिल्ली, 3 फरवरी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विकास विरोधी बन गई है। उनका कहना है कि चाहे कोई भी रेलवे प्रोजेक्ट हो या कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, राज्य सरकार बिना वजह हर चीज का विरोध करती है।
वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो का उदाहरण देते हुए बताया कि पहले 40 सालों में कोलकाता मेट्रो का सिर्फ 25 किलोमीटर ही पूरा हुआ था, जबकि पिछले 11 सालों में ही 45 किलोमीटर मेट्रो लाइनें बनाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के लगातार असहयोग की वजह से शहर के बीचों-बीच चिंगड़ीघाटा जैसी बहुत जरूरी जगह पर पिछले दो सालों से काम रुका हुआ है। जानबूझकर अनुमति नहीं दी गई, बस यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा न हो।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ कहा कि हम इन बाधाओं से रुकने वाले नहीं हैं। हमारी प्रतिबद्धता पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए है और इन मुश्किलों के बावजूद हम काम करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है, तो कोलकाता के लोगों को सीधे फायदा होगा। यह शहर और पूरे राज्य के लिए गर्व की बात होगी। पूरा हुआ मेट्रो प्रोजेक्ट आम लोगों को सुरक्षित, कुशल और सस्ता ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से, पश्चिम बंगाल सरकार ऐसा नहीं चाहती। फिर भी केंद्र सरकार अपनी योजना और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। यह केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर का सवाल नहीं है, बल्कि आम जनता की सुविधा और शहर के विकास का मामला है।
वैष्णव ने जोर देकर कहा कि हमारी प्रतिबद्धता पश्चिम बंगाल के हर निवासी के प्रति है और हम इसे पूरे दृढ़ संकल्प और जिम्मेदारी के साथ पूरा करेंगे।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि चाहे कितनी भी बाधाएं आएं, रेलवे मंत्रालय और केंद्र सरकार कोलकाता मेट्रो और अन्य प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।