भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विपक्ष का सरकार पर करारा वार: "देश कमजोर हो रहा, क्या मोदी सरकार ने किया आत्मसमर्पण?"

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, कहा- देश पहले के मुकाबले अब हो रहा कमजोर


नई दिल्ली, 3 फरवरी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विपक्ष के नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को भी पता है अमेरिका से कैसे बात हुई है। पहले हम लोग मजबूत थे, अब कमजोर होते जा रहे हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस जेबी माथेर ने कहा, "ऐसा लग रहा है कि हमारी सरकार या हमारे प्रधानमंत्री के जरिए भारत को पता नहीं चलता कि क्या हो रहा है या डील क्या है। चाहे वह सीजफायर की घोषणा हो या ट्रेड डील की घोषणा, ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ही सारी घोषणाएं कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका के सामने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है। क्या हमारी अपनी कोई पहचान नहीं है? हमें कई चीजों पर स्पष्टता चाहिए क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं कि भारत रूस से नहीं बल्कि वेनेज़ुएला और अमेरिका से तेल खरीदने वाला है। एग्रीकल्चर सेक्टर को खोला जाएगा। तो, हमारे किसानों की सुरक्षा क्या है? वे यह भी कहते हैं कि भारतीय बाजार में अमेरिकी सामानों पर टैरिफ जीरो होगा। जब संसद का सत्र चल रहा हो तो संसद और भारत के लोगों का विश्वास जरूर जरूरी है।"

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा, "आज हमें एक निराशाजनक खबर मिली। हम मजबूर थे। अगर संसद का सत्र चल रहा था, तो प्रधानमंत्री को यह घोषणा सदन में करनी चाहिए थी। लेकिन राष्ट्रपति ने यह एक दिन पहले ही कर दिया। इसका क्या मतलब है? उन्होंने तय कर लिया था कि अगर हम वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे, तभी वह टैरिफ कम करेंगे। तो भारत के हितों से समझौता किया गया है। देश देख सकता है कि इस समझौते के लिए हमें क्या कीमत चुकानी पड़ी है। रूस के साथ हमारे दशकों पुराने रिश्ते खत्म हो गए हैं, और हम कहीं और जा रहे हैं।"

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, "अमेरिका के कृषि मंत्री ने कहा है कि इस ट्रेड डील में अमेरिका के सारे खेती उत्पाद जीरो ड्यूटी पर भारत में बेचे जाएंगे। देश के किसान के लिए इससे बड़ा विश्वासघात हो ही नहीं सकता। अब अमेरिका की कपास बिना ड्यूटी के भारत में बिकेगी। वहां का मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद, बादाम, अखरोट और पिस्ता यहां बिकेंगे। भारत के किसान का क्या होगा? क्या सरकार नहीं जानती कि भारत वहां के कृषि और दुग्ध उत्पाद पर इसलिए बैन लगाता है कि हम अपने किसानों का संरक्षण करना चाहते हैं?"

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "जिस तरह से ये घोषणा हुई है, भारत की सामरिक आजादी पर ये सीधा आघात है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। भारत से अमेरिका निर्यात पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा और अमेरिका का भारत में जो निर्यात होगा उसमें जीरो टैरिफ रहेगा। ये सीधे सीधे भारत की सामरिक आजादी पर आघात है।"

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, "क्या पहले भी टैरिफ 18 प्रतिशत था? ये प्रश्न उठाता है कि इसकी घोषणा भारत सरकार की ओर से नहीं हुई है, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की है। अमेरिका का रवैया दर्शाता है कि जिस प्रकार से डील करना चाहिए उस तरह से हमारा विदेश मंत्रालय डील नहीं कर पा रहा है।"

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "इसमें जरूर कोई छिपा हुआ एजेंडा होगा। हो सकता है यह हथियारों की खरीद के बारे में हो, हो सकता है रूस से तेल न खरीदने के बारे में हो...सब कुछ सीक्रेट है, कुछ भी खुला नहीं है।"

सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा, "ये रिश्ता क्या कहलाता है? कभी नरम, कभी गरम, कभी खट्टा, कभी मीठा। सेंसेक्स क्रैश हो गया और सोने-चांदी की कीमतें एक साथ गिर गईं। आम लोगों के लाखों-करोड़ों रुपए डूब गए। हम अपनी पार्टी में इस पर चर्चा करेंगे और अगर सहमति बनी तो हम इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे। ये बिचौलिए कौन हैं जो आम आदमी को लूट रहे हैं?"
 
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