पुणे, 3 फरवरी। पुणे के मुंढवा इलाके में स्थित करीब 40 एकड़ सरकारी जमीन की कथित अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से चार्जशीट दाखिल की गई है। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में 1,886 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
पुणे पुलिस के अनुसार, इस चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि इस जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) धारक शीतल तेजवानी (44) ने यह जानते हुए भी कि उक्त भूमि राज्य सरकार की है, अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी के साथ बिक्री विलेख (सेल डीड) निष्पादित कर दिया।
चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी के एक साझेदार पार्थ पवार, जो दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र हैं, का नाम प्राथमिकी (एफआईआर) में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, उन्हें कंपनी के साझेदार के रूप में बताया गया है, लेकिन प्रारंभिक जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष भूमिका सामने नहीं आई है। इस मामले में अमाडिया एंटरप्राइजेज के एक अन्य साझेदार दिग्विजय अमरसिंह पाटिल और निलंबित तहसीलदार सूर्यकांत येवले का नाम चार्जशीट में दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दर्शाकर अवैध तरीके से सौदा किया गया।
पुणे पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और अगर आगे की जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो पूरक चार्जशीट (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल की जा सकती है। आर्थिक अपराध शाखा इस पूरे भूमि सौदे में शामिल दस्तावेजों, अधिकारियों और निजी संस्थाओं की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।
बता दें कि यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। इन सब के बीच, अजित पवार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पवार ने यह भी कहा था कि अगर मुझे इस बारे में जानकारी होती तो यह डील होने ही नहीं देता। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे।