राहुल गांधी पर आरपी सिंह का हमला: कहा, अप्रकाशित किताब का हवाला देकर सिर्फ नैरेटिव गढ़ना चाहते हैं

राहुल गांधी सिर्फ नैरेटिव गढ़ना चाहते हैं: आरपी सिंह


नई दिल्ली, 2 फरवरी। भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा वे सिर्फ नैरेटिव गढ़ना चाहते हैं और खुद को हाईलाइट करना चाहते हैं।

लोकसभा में राहुल गांधी ने चीन संबंधित बयान दिया, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ।

भाजपा नेता आरपी सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी गलवान के बारे में सवाल उठा रहे हैं और जनरल नरवणे की उस किताब का हवाला दे रहे थे, जो छपी भी नहीं है। उसी आधार पर राहुल गांधी संसद में सवाल उठा रहे हैं। जो चीज अभी छपी ही नहीं है, उस पर सवाल कैसे उठाए जा सकते हैं? यह पहला बिंदु है। दूसरी बात, संसद में राष्ट्रपति की स्पीच के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। चीन का मुद्दा लेकर वहां आने का यह सही मंच नहीं था। लोकसभा स्पीकर ने बिल्कुल ठीक कहा है। अगर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कुछ कहना है तो कहिए। राहुल गांधी को तो बस नैरेटिव बिल्ड करना है, फोकस खुद पर लाना है।

पाकिस्तान के भारत के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप में मैच खेलने से मना करने पर भाजपा नेता ने कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी सोच है। इस पूरे मामले को आईसीसी को देखना है। पाकिस्तान इससे राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है और अपने देश के अंदर भी राजनीतिक लाभ ढूंढ रहा है।

ममता बनर्जी के दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद आए बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी निरंतर झूठे आरोप लगा रही हैं। 58 लाख वोटरों के नाम डिलीट किए गए हैं। अगर उसमें किसी वैध मतदाता का वोट कटा है तो आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है। ममता बनर्जी की जमीन खिसक चुकी है।

शिवसेना(यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि संजय राउत को हर चीज में साजिश नजर आती है। खुद शरद पवार ने कहा है कि यह दुर्घटना है, इसमें कोई साजिश नहीं देखनी चाहिए।

मदरसों को लेकर यूपी सरकार के फैसले पर कहा कि मदरसे चलें, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इसके आधार पर जो फंड जमा होता है, उसका उपयोग कैसे हो रहा है-इसकी जांच होना बहुत जरूरी है।

रील्स बनाने को लेकर हो रहे विवाद पर भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष की सोच बहुत छोटी है। यह सिर्फ रील्स बनाने के बारे में नहीं है। यह कंटेंट क्रिएशन के बारे में है। आज पूरी दुनिया में कंटेंट को लेकर बहुत बड़ा कॉम्पिटिशन है। जो लोग कंटेंट को नियंत्रित करते हैं, वही नैरेटिव बनाते हैं। इसलिए बच्चों को स्कूल-कॉलेज के स्तर पर कंटेंट क्रिएशन में मदद दी जानी चाहिए। इससे रोजगार के नए साधन भी बनेंगे।
 

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