चंडीगढ़, 2 फरवरी। हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर अशीम कुमार घोष ने सोमवार को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्कृष्ट राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेटों और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयोजन में उनकी भागीदारी केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि राष्ट्र की युवा शक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का सशक्त प्रतीक थी।
लोक भवन में आयोजित 'एट होम' समारोह में सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल घोष ने गणतंत्र दिवस परेड को भारत की विविधता में एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय संकल्प की सर्वोच्च अभिव्यक्ति बताया।
उन्होंने कहा कि परेड के लिए चयन असाधारण समर्पण, कठोर प्रशिक्षण और अनुकरणीय प्रतिबद्धता की मांग करता है।
उन्होंने कैडेटों और स्वयंसेवकों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप में से प्रत्येक ने हरियाणा का गौरव बढ़ाया है और भारत के राष्ट्रीय गौरव में योगदान दिया है।
प्रोफेसर घोष ने अनुशासित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संगठन युवाओं में नेतृत्व क्षमता, साहस और देशभक्ति की गहरी भावना का संचार करता है, जिससे वे न केवल जरूरत के समय राष्ट्र की सेवा करने के लिए तैयार होते हैं, बल्कि शांति और प्रगति के समय में भी उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए सक्षम होते हैं।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के निस्वार्थ योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्य सामाजिक जिम्मेदारी की सच्ची भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की पहलों के माध्यम से, एनएसएस स्वयंसेवक समाज के नैतिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि आपका कार्य हमें याद दिलाता है कि सच्चा राष्ट्र निर्माण साथी नागरिकों की सेवा से शुरू होता है।