भारत कला मेला 2026 में दिखेगी ऑस्ट्रेलिया की स्वदेशी कला की झलक! ग्रेस ली पेश करेंगी 'द विंड्स ऑफ गार्डियंस'

भारत कला मेला 2026 में द विंड्स ऑफ गार्डियंस पेश करेंगी ऑस्ट्रेलियाई कलाकार ग्रेस लिलियन ली


नई दिल्ली, 2 फरवरी। भारत कला मेला के 17वें संस्करण का आयोजन देश की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 5 से लेकर 8 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के एनएसआईसी ग्राउंड्स में किया जाएगा। ऐसे मौके पर ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस आर्टिस्ट ग्रेस लिलियन ली भारत में अपना काम 'द विंड्स ऑफ गार्डियंस' पेश करेंगी।

ऑस्ट्रेलियन फर्स्ट नेशंस कलाकार, डिजाइनर और कल्चरल एडवोकेट ग्रेस लिलियन ली इंडिया आर्ट फेयर 2026 में अपना काम पेश करेंगी। अपनी स्वदेशी विरासत को ध्यान में रखते हुए ली की प्रैक्टिस आज के समय के नजरिए से पहचान, देश, स्थिरता और स्वदेशी संप्रभुता जैसे विषयों को दिखाती है।

टोरेस स्ट्रेट के पूर्वी द्वीपों के मिरियम मेर सेमसेप लोगों की वंशज, ली को कम उम्र से ही पारंपरिक बुनाई की कला से परिचित कराया गया था। यह ज्ञान आज भी उनके अभ्यास को आकार दे रहा है। ली इंडिया आर्ट फेयर में 'द विंड्स ऑफ गार्डियंस' पेश करेंगी। इसमें चार स्ट्रक्चरल रूप हैं- नॉर्थ विंड्स, साउथ विंड्स, ईस्ट विंड्स और वेस्ट विंड्स। इसके साथ ही एक सेरेमोनियल ड्रीमवीवर मास्क भी है। ये हवा को मटीरियल फोर्स और मेटाफर दोनों के तौर पर दिखाते हैं: मूवमेंट, मेमोरी और ट्रांसमिशन का एक एजेंट।

ली के पूर्वजों और टोरेस स्ट्रेट आइलैंड्स की हवा की आत्माओं पर विश्वास से गहराई से जुड़े उनके काम कॉटन वेबिंग, कॉटन ट्विन, केन, मिरर ऐक्रेलिक और इलेक्ट्रिकल रबर श्रिंक ट्यूबिंग का इस्तेमाल करके बनाए गए हैं। भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा, “इंडिया आर्ट फेयर में ग्रेस की प्रदर्शनी भारत में फर्स्ट नेशंस कल्चर और क्रिएटिव एक्सीलेंस को दिखाने के ऑस्ट्रेलिया की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है। परंपरा से जुड़ा फिर भी साफ तौर पर कंटेंपररी, ग्रेस का काम दिखाता है कि कैसे पूर्वजों का ज्ञान नई आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन को जानकारी देता और प्रेरित करता रहता है।”

इंडिया आर्ट फेयर में ग्रेस की मौजूदगी से भारतीय दर्शकोंर डिजाइन के जरिए ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट नेशंस के नजरिए से करीब से जुड़ने का मौका मिलेगा। अपने दौरे के बारे में बात करते हुए ग्रेस लिलियन ली ने कहा, “भारत क्राफ्ट, टेक्सटाइल और कहानी कहने का शानदार इतिहास प्रेरणादायक है और मुझे स्वदेशी ज्ञान और कल्चरल एक्सचेंज पर बातचीत के जरिए यहां अपना काम शेयर करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। एक गर्वान्वित मिरियम मेर सैम्पसेप महिला के तौर पर मेरा काम मेरे पुरखों का सम्मान करता है। ट्रेडिशनल बुनाई के तरीके फिर से जिंदा करके, मेरा मकसद हमारी सांस्कृतिक कहानियों को बचाकर रखना और हमारी विरासत के रखवालों का जश्न मनाना है, ऐसे सपने बुनना जो हमारे अतीत को भविष्य से जोड़ें।”

बता दें, अपने भारत दौरे के हिस्से के तौर पर ली कई खास कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जिसमें हाई कमिश्नर ग्रीन की मदद से रॉ मैंगो के फाउंडर संजय गर्ग के साथ बातचीत भी शामिल है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
3,494
Messages
3,526
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top