नेपाली काउंसलर निरोला बोले: शीत्सांग के 'दो सत्र' लोकतांत्रिक परामर्श व वैज्ञानिक निर्णय का महत्वपूर्ण आधार

'दो सत्र' लोकतांत्रिक परामर्श और वैज्ञानिक निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण मंच हैं : लक्ष्मी प्रसाद निरोला


बीजिंग, 2 फरवरी। हाल ही में चीन के शीत्सांग की 12वीं जन प्रतिनिधि सभा का चौथा पूर्णाधिवेशन और 12वीं जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन का चौथा पूर्णाधिवेशन आयोजित हुआ। ल्हासा स्थित नेपाल के कौंसुलर लक्ष्मी प्रसाद निरोला को "दो सत्रों" के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

लक्ष्मी प्रसाद निरोला ने शीत्सांग के दो सत्रों के उद्घाटन समारोह में दूसरी बार भाग लिया और उन्होंने दो सत्रों के सफल आयोजन पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि शीत्सांग में जन प्रतिनिधि सभा और जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन यानी "दो सत्र" लोकतांत्रिक परामर्श और वैज्ञानिक निर्णय लेने के महत्वपूर्ण मंच हैं, जो शीत्सांग की जनता की सामूहिक इच्छा को दर्शाते हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में, शीत्सांग ने बुनियादी संस्थापनों के निर्माण, गरीबी उन्मूलन, सांस्कृतिक संरक्षण और जातीय एकता में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। ये उपलब्धियां नेपाल के लिए सीखने और अनुकरण करने योग्य हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि विशाल हिमालय पर्वतमाला नेपाल और चीन को आपस में जोड़ती है। दोनों देश शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में हैं, एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और आपसी लाभ वाले सहयोग को बढ़ावा देते हैं, जो अच्छे पड़ोसी संबंधों और मित्रता का एक आदर्श उदाहरण है। नेपाल और शीत्सांग भौगोलिक निकटता और सांस्कृतिक समानताओं को साझा करते हैं, और इनके बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान का एक लंबा इतिहास रहा है। हाल के वर्षों में, बेल्ट एंड रोड पहल के तहत, नेपाल और शीत्सांग के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग तथा संपर्क लगातार मजबूत हुआ है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top