केरल चुनाव: कांग्रेस ने बेपोर में पूर्व वाम समर्थित अनवर को दिया टिकट, वाम गढ़ में छिड़ेगी कड़ी चुनावी जंग

केरल: कांग्रेस ने बेपोर में अनवर की उम्मीदवारी को मंजूरी दी, चुनावी लड़ाई पर सबकी नजरें


तिरुवनंतपुरम, 2 फरवरी। चुनाव आयोग ने अभी तक केरल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया, लेकिन कांग्रेस ने सोमवार को एक अहम राजनीतिक संकेत देते हुए साफ कर दिया कि दो बार के पूर्व वामपंथी समर्थित निर्दलीय विधायक पीवी अनवर कोझिकोड जिले के बेपोर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।

इस घोषणा को राज्य की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बेपोर को लंबे समय से सीपीआई (एम) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और विधायक सनी जोसेफ ने अनवर की उम्मीदवारी की पुष्टि करते हुए उनकी जीत पर भरोसा जताया। अनवर के नाम पर पूछे गए सवाल के जवाब में जोसेफ ने कहा, “वह बेपोर से जीतेंगे और विधायक बनेंगे।” उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस इस सीट पर आक्रामक रणनीति के साथ उतरने की तैयारी में है और मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाने का इरादा रखती है।

पीवी अनवर ने भी कांग्रेस के इस संकेत पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह पिछले 15 महीनों से अधिक समय से सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। अनवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके दामाद तथा राज्य के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ना है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मिशन मुख्यमंत्री के आसपास कथित तौर पर व्याप्त 'पारिवारिक वर्चस्व' को समाप्त करना है।

कांग्रेस के इस कदम और अनवर की तीखी बयानबाजी ने बेपोर विधानसभा क्षेत्र में नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। वर्तमान में इस सीट का प्रतिनिधित्व पीए मोहम्मद रियास कर रहे हैं, जिन्हें सीपीआई (एम) के सबसे उभरते और प्रभावशाली युवा नेताओं में गिना जाता है। रियास का राजनीतिक उदय काफी तेजी से हुआ है और पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ता गया है।

कोविड-19 महामारी के दौरान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आधिकारिक आवास पर सादे समारोह में उनकी बेटी वीना विजयन से शादी के बाद रियास को बेपोर से चुनावी मैदान में उतारा गया था। यह वही सीट है, जहां 1977 के बाद से कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष को जीत नसीब नहीं हुई है। रियास की जीत के बाद उन्हें लोक निर्माण और पर्यटन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो गई।

दूसरी ओर, पीवी अनवर की राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विजयन से मतभेद उभरने के बाद उन्होंने पिछले साल विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कुछ समय तक उन्होंने यूडीएफ का समर्थन किया, फिर रुख बदलते हुए उपचुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ा, जहां वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बावजूद अनवर की राजनीतिक सक्रियता बनी रही।

अब अनवर दोबारा कांग्रेस में लौट आए हैं, और उन्हें कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ का सहयोगी सदस्य बनाया गया है। सनी जोसेफ के स्पष्ट समर्थन और अनवर की आक्रामक रणनीति के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बेपोर सीट पर बेहद कड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top