थारद (गुजरात), 2 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है।
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकोर ने कहा कि स्पष्ट और प्रभावी उपायों के अभाव में किसान निराश हैं।
उन्होंने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं है। न्यूनतम समर्थन मूल्य, उर्वरक और बीज की बढ़ती लागत, सिंचाई सुविधाओं और सुनिश्चित आय वृद्धि जैसे मुद्दों को किसी भी सार्थक तरीके से संबोधित नहीं किया गया है।
उनके अनुसार, बनासकांठा और अन्य कृषि क्षेत्रों के किसान विशिष्ट प्रावधानों की उम्मीद कर रहे थे जो पूरे नहीं हुए। ठाकोर ने महिलाओं और युवाओं पर ध्यान न दिए जाने की बात भी उठाई।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार या आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए कोई नई योजना घोषित नहीं की गई है।
युवा रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि बेरोजगारी एक बड़ी चिंता का विषय होने के बावजूद, युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कोई ठोस कदम या समयबद्ध उपाय नहीं किए गए हैं।
उन्होंने प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों के लिए अपर्याप्त आवंटन पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के लिए निर्धारित धनराशि अपर्याप्त है। ये क्षेत्र आम नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं, फिर भी इन्हें वह प्राथमिकता नहीं मिली है जिसके वे हकदार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट व्यापक आबादी की जरूरतों को पूरा करने के बजाय चुनिंदा वर्गों को लाभ पहुंचाता प्रतीत होता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह बजट आम लोगों की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है, और आर्थिक विकास को बनाए रखने के उद्देश्य से व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
बजट में विरासत पर्यटन से संबंधित पहलों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की गई है, जिसमें अहमदाबाद जिले के लोथल और कच्छ के धोलावीरा जैसे पुरातात्विक स्थलों का विकास, साथ ही व्यापक शहरी विकास और नगरपालिका वित्त सुधार शामिल हैं।