शहडोल, 2 फरवरी। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में एक नर और एक मादा बाघ की मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों बाघों की कथित तौर पर बिजली का झटका लगने से मौत हुई है।
घटना के बाद वरिष्ठ वन अधिकारियों ने इलाके में तत्काल तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, शहडोल जिले के उत्तरी वन प्रभाग अंतर्गत जयसिंहनगर रेंज के बंचाचार गांव में सबसे पहले एक बाघिन का शव रविवार शाम को देखा गया। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 100 मीटर की दूरी पर एक नर बाघ का शव मिला।
दोनों शव मिलने के बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया।
घटना की पुष्टि करते हुए संभागीय वन अधिकारी तरुणा वर्मा ने आईएएनएस को बताया कि दो बाघों की मौत हुई है और उनके निधन के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, “नियमों के तहत दोनों बाघों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच के सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।”
वर्मा ने बताया कि वन विभाग की डॉग स्क्वाड टीम, फील्ड स्टाफ और अन्य विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे क्षेत्र में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “संबंधित किसान की भूमिका की भी जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इस बीच, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने दावा किया है कि दोनों बाघों की मौत बिजली के झटके से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक किसान ने जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए अपने खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया था, जिसकी चपेट में आने से बाघों की जान चली गई।
दुबे ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में लगातार बाघों की मौत चिंताजनक है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "घटनाओं के लिए वरिष्ठ वन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अब मध्य प्रदेश के वन्यजीव विभाग में जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य वन्यजीव बोर्ड को पत्र लिखेंगे।