हैदराबाद, 2 फरवरी। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने सोमवार को कहा कि अगर पूर्व बीआरएस शासन के दौरान कथित फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) उन्हें समन भेजती है, तो वह टीम के सामने पेश होंगी और सहयोग करेंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी कविता ने दोहराया कि उन्हें संदेह है कि उनके और उनके पति के फोन भी टैप किए गए थे।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर एसआईटी नोटिस जारी करती है, तो मैं उसके सामने पेश होऊंगी और जांच में सहयोग करूंगी।
पूर्व एमएलसी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केसीआर एसआईटी द्वारा की गई जांच के दौरान हुई घटनाओं का स्पष्टीकरण देंगे।
रविवार को हैदराबाद स्थित केसीआर के आवास पर एसआईटी ने उनसे बीआरएस शासनकाल के दौरान कई व्यक्तियों के कथित फोन टैपिंग मामले के संबंध में लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव द्वारा अपने पिता केसीआर को एसआईटी द्वारा तलब किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करने पर कविता ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आप सार्वजनिक जीवन में होते हैं, तो कई मुद्दे सामने आते हैं और आपको उनके परिणामों का सामना करना पड़ता है।
सभी से पारदर्शी जांच में सहयोग करने का आग्रह करते हुए कविता ने कहा कि मामले को जल्द से जल्द बंद करना बेहतर होगा।
कविता ने कहा कि बीआरएस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि अब ऐसी स्थिति क्यों आई है जहां केसीआर को तलब किया गया है। बता दें कि कविता ने पिछले साल सितंबर में पार्टी से निलंबित होने के बाद बीआरएस छोड़ दी थी और विधान परिषद सदस्य के पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
पूर्व एमएलसी ने कहा कि अगर सरकार पारदर्शी और गंभीर है, तो जांच आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो साल से इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।
तेलंगाना जागृति की नेता ने राज्य सरकार पर फर्जी समझौता ज्ञापनों और फर्जी कंपनियों के जरिए तेलंगाना के लोगों को धोखा देने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों की विश्वसनीयता कम है, जिनके बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी उपलब्ध है और जिनका बाजार पूंजीकरण भी कम है, उनके साथ निवेश की घोषणा की जा रही है, फिर भी वे भारी निवेश का दावा कर रही हैं।