राहुल गांधी का बड़ा आरोप: चीनी घुसपैठ पर सेना प्रमुख के शब्दों को सदन में बोलने से रोका जा रहा

सदन में चीनी घुसपैठक के मुद्दे पर हंगामा, राहुल गांधी बोले- 'मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा'


नई दिल्ली, 2 फरवरी। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी की स्पीच पर हंगामा हो गया। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने जैसे ही डोकलाम में कथित चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया, सदन का माहौल गरमा गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के दावे का विरोध किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

वहीं, संसद के बाहर मीडिया से बात कर रहे कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये सेना प्रमुख के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी से की थी। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो सेना प्रमुख ने लिखा है और राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें क्या आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मैं संसद में बोलना चाहता हूं, लेकिन मोदी सरकार जाने क्यों डरी हुई है। यहां मुद्दा ठीक वही है जो प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह ने कहा।

जमीन ली गई या नहीं, यह एक अलग सवाल है। हम उस पर बाद में बात करेंगे। लेकिन उससे पहले, देश के नेता को दिशा-निर्देश देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के नेता को फैसले लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए और उन्हें दूसरों के कंधों पर नहीं छोड़ना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यही किया है। यह मेरा विचार नहीं है, यह पूर्व सेना प्रमुख ने एक किताब में लिखा है। किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है। वह अनुपलब्ध पड़ी है, और यह सेना प्रमुख का दृष्टिकोण है।

उन्होंने कहा कि वे सेना प्रमुख के दृष्टिकोण से इतना क्यों डरते हैं? सेना प्रमुख जो कहते हैं, उससे वे इतना भयभीत क्यों हैं? हम इससे कुछ सीखेंगे। बेशक, हम अपने प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखेंगे। हम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में कुछ सीखेंगे। लेकिन हम सेना के बारे में भी कुछ सीखेंगे और यह भी जानेंगे कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को किस तरह निराश किया।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपनी किताब में पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ लिखा है। मैं उसी आर्टिकल को कोट कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है।

पूरी मोदी सरकार डरी हुई है कि अगर पूर्व आर्मी चीफ की किताब सामने आ गई, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की असलियत देश को पता चल जाएगी कि जब चीन हमारी तरफ आ रहा था, तो '56 इंच' की छाती को क्या हुआ था?

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और पूरी सरकार सिर्फ एक लाइन से डरी हुई है। और वो लाइन मैं संसद में बोलूंगी, मुझे कोई नहीं रोकेगा।

उन्होंने कहा कि पब्लिक सोर्स होना चाहिए, चाहे वो किताब हो या मैगजीन। यह किताब का एक अंश है, जो मैगजीन में पब्लिश हो चुका है। इसमें कोई अप्रमाणित स्रोत नहीं है तो फिर समस्या क्या है? ऐसे में मोदी सरकार क्यों डर रही है?
 
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