संत परमानंद अस्पताल में दिल्ली के विधायकों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण शुरू, स्वस्थ जनप्रतिनिधि सशक्त संस्थानों की नींव

संत परमानंद अस्पताल में विधायकों के वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ


नई दिल्ली, 2 फरवरी। “स्वस्थ जनप्रतिनिधि ही सशक्त संस्थानों की नींव होते हैं और बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करते हैं।” यह बात दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को संत परमानंद अस्पताल में दिल्ली विधानसभा के वर्तमान विधायकों के लिए आयोजित वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कही।

यह स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम 2 फरवरी से प्रारंभ होकर 14 फरवरी 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार की वर्तमान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।

इस अवसर पर अध्यक्ष ने बताया कि यह पहल दिल्ली विधानसभा के सभी सदस्यों के साथ संवाद और सहमति के माध्यम से एक नई शुरुआत के रूप में आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि औपचारिक रूप से वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन छह विधायक अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराएंगे।

कार्यक्रम के पहले दिन सूर्य प्रकाश खत्री, पूनम भारद्वाज और अनिल झा ने स्वास्थ्य परीक्षण में भाग लिया। अध्यक्ष ने इस पहल को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को लगातार जनता के बीच सक्रिय रहना पड़ता है, ऐसे में उनके लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसेवा तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सक्षम और भावनात्मक रूप से सकारात्मक हों।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम दो सप्ताह यानी 2 से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा और प्रतिदिन पांच विधायक इसमें भाग लेंगे। साथ ही 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस आयु वर्ग में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और भी अधिक आवश्यक हो जाती है।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में शुरू किया गया यह स्वास्थ्य परीक्षण जागरूकता अभियान एक अनूठी पहल है। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय विधानसभा अध्यक्ष सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बताया कि इस विषय पर वहां चर्चा हुई थी और दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने इस पहल की प्रस्तुति दी थी। उन्होंने बताया कि कई राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों ने दिल्ली मॉडल में गहरी रुचि दिखाई और कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि दिल्ली विधानसभा की यह पहल देश की अन्य राज्य विधानसभाओं द्वारा भी अपनाई जाएगी। उन्होंने अन्य विधानसभाओं के अध्यक्षों से अपील की कि वे भी अपने-अपने राज्यों में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए इस तरह के कार्यक्रम शुरू करें, ताकि वे अधिक ऊर्जा, सामर्थ्य और प्रभावशीलता के साथ जनसेवा कर सकें।
 

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