आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम मजीठिया को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम मजीठिया को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत


नई दिल्ली, 2 फरवरी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस मामले में जमानत दे दी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि मजीठिया को इससे पहले साल 2022 में एनडीपीएस यानी ड्रग्स से जुड़े एक पुराने मामले में जमानत मिल चुकी थी। उस जमानत के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन वह याचिका भी साल 2025 में खारिज कर दी गई थी। इसके अलावा, आय से अधिक संपत्ति का जो मौजूदा मामला है, वह साल 2006 से 2017 की अवधि से जुड़ा हुआ है, जबकि इसकी एफआईआर साल 2025 में दर्ज की गई। कोर्ट ने माना कि इतने पुराने मामले में देर से एफआईआर दर्ज होना भी एक अहम पहलू है, इसलिए इस केस में भी मजीठिया को जमानत दी जा सकती है।

बता दें कि बिक्रम सिंह मजीठिया को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी से पहले अमृतसर में उनके घर समेत कुल 25 जगहों पर विजिलेंस टीम ने छापेमारी की थी। इन छापों के दौरान कई डिजिटल डिवाइस, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। अगले दिन यानी 26 जून को मजीठिया को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था, जिसे बाद में चार दिन के लिए और बढ़ा दिया गया। 6 जुलाई से वह न्यायिक हिरासत में थे और फिलहाल नाभा जेल में बंद थे।

इस मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 22 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट 40 हजार पन्नों से ज्यादा की है और इसमें 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट में यह दावा किया गया है कि मजीठिया की करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध और आय से कहीं ज्यादा है। इसके लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कुल 15 जगहों की जांच की गई। रिपोर्ट में कई अकाली दल और भाजपा नेताओं के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

दरअसल, यह पूरा मामला साल 2013 में सामने आई उस जांच से जुड़ा है, जिसमें करीब 6,000 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ था। उस समय पूर्व डीएसपी जगदीश सिंह भोला ने अपनी जांच में मजीठिया का नाम लिया था। हालांकि, बाद में ड्रग्स से जुड़े आरोप अदालत ने खारिज कर दिए थे। मौजूदा केस ड्रग्स नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top