बजट से आयुष हेल्थकेयर को मिलेगी नई ताकत, भारत बनेगा समग्र चिकित्सा का वैश्विक केंद्र: आयुष मंत्री

बजट से आयुष हेल्थकेयर को मिलेगी नई ताकत, भारत बनेगा समग्र चिकित्सा का वैश्विक केंद्र: आयुष मंत्री


नई दिल्ली, 2 फरवरी। केंद्रीय बजट में की गई घोषणाएं स्वास्थ्य नीति को ग्रामीण आजीविका, निर्यात वृद्धि, युवाओं के रोजगार और उद्यमिता से जोड़ती हैं। इससे भारत को वैज्ञानिक आधार पर बनी समग्र हेल्थकेयर का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। यह बात केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को कही।

मंत्री ने कहा कि बजट में आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) से जुड़े सिस्टम को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। ये कदम एक समग्र, सबको शामिल करने वाली और दुनिया में प्रतिस्पर्धी हेल्थकेयर व्यवस्था बनाने की सरकार की मजबूत सोच को दिखाते हैं, जिसमें आयुष की बड़ी भूमिका होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आयुष से जुड़ी शिक्षा, रिसर्च, गुणवत्ता जांच, वैश्विक नेतृत्व, मेडिकल टूरिज्म और कुशल कर्मचारियों के विकास के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं।

प्रतापराव जाधव के अनुसार, ये सभी कदम पारंपरिक चिकित्सा को बीमारी से बचाव, आर्थिक विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बनाने में मदद करेंगे।

बजट में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) खोलने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई, उन्नत रिसर्च और बेहतर इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी।

इन संस्थानों से देशभर में पढ़ाई का स्तर ऊंचा होगा और वैज्ञानिक आधार पर समग्र इलाज (इंटीग्रेटेड केयर) को मजबूती मिलेगी।

बजट में आयुष फार्मेसियों और दवाओं की जांच करने वाली लैब्स को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी है, ताकि वे बेहतर सर्टिफिकेशन मानकों पर खरी उतर सकें।

मंत्री के अनुसार, इस कदम से आयुष उत्पादों की गुणवत्ता सुधरेगी, लोगों का भरोसा बढ़ेगा और निर्यात में मदद मिलेगी। साथ ही औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और दवा बनाने वाली एमएसएमई कंपनियों को भी फायदा होगा।

जामनगर में स्थित डब्ल्यूएचओ के ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि रिसर्च, अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग और नीति से जुड़ी बातचीत को बढ़ावा मिल सके और भारत पारंपरिक चिकित्सा का वैश्विक ज्ञान केंद्र बन सके।

इसके अलावा, आयुष केंद्रों को पांच प्रस्तावित रीजनल मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब्स का हिस्सा बनाया जाएगा, जहां आधुनिक इलाज के साथ पारंपरिक थेरेपी, वेलनेस सेवाएं और रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं एक साथ मिलेंगी।

इसके साथ ही, एनएसक्यूएफ से जुड़े केयरगिवर ट्रेनिंग प्रोग्राम में योग और वेलनेस स्किल्स को शामिल किया गया है। अगले साल 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है, जिससे बुजुर्गों की देखभाल और बीमारी से बचाव वाली सेवाएं मजबूत हो सकेंगी।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
3,525
Messages
3,557
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top