पूर्वोत्तर: उद्योग जगत ने बजट को पर्यटन आधारित विकास और निवेश के लिए बताया उत्प्रेरक

पूर्वोत्तर: उद्योग जगत ने बजट को पर्यटन आधारित विकास और निवेश के लिए बताया उत्प्रेरक


गुवाहाटी, 1 फरवरी। पूर्वोत्तर भारत के उद्योग विशेषज्ञों ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा है कि सेवा क्षेत्र आधारित विकास, पर्यटन अवसंरचना, कनेक्टिविटी और कौशल विकास पर इसका विशेष जोर क्षेत्र के सतत विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े उद्योग नेताओं का मानना है कि यह बजट निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के साथ-साथ पूर्वोत्तर को भारत के अगले विकास चरण का प्रमुख लाभार्थी बनाने की दिशा में अहम कदम है।

एसएम डेवलपर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ विकास अग्रवाल ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 स्पष्ट संकेत देता है कि भारत का अगला निवेश और विकास चरण सेवा क्षेत्र आधारित वृद्धि, पर्यटन अवसंरचना और निरंतर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय पर केंद्रित होगा।

उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है और साथ ही राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दिखाई गई है, जिससे दीर्घकालिक अवसंरचना निर्माण को लेकर विश्वास मजबूत होता है, बिना मैक्रो-आर्थिक स्थिरता से समझौता किए।

अग्रवाल ने स्वदेश दर्शन 2.0, प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के विकास और पूर्वोत्तर में बौद्ध सर्किट की शुरुआत को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और क्षेत्रीय संतुलन वाले पर्यटन को बढ़ावा देने की ठोस रणनीति बताया।

उन्होंने पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब विकसित करने के प्रस्ताव को भी समयोचित करार देते हुए कहा कि भविष्य में यात्रा की मांग महानगरों के बजाय तीर्थस्थलों, वेलनेस डेस्टिनेशनों और द्वितीयक शहरों से अधिक उत्पन्न होगी।

बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर, विशेष रूप से सी-प्लेन निर्माण और संचालन के लिए प्रोत्साहन, अंतिम छोर तक पहुंच को बेहतर बनाएगा और गुवाहाटी जैसे गेटवे शहरों में हॉस्पिटैलिटी व मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स की व्यावसायिक संभावनाएं बढ़ाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अवसंरचना निवेश को मानव संसाधन विकास से जोड़ना (जैसे 10,000 टूरिस्ट गाइड का प्रशिक्षण और राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी संस्थान की स्थापना) पर्यटन आधारित निवेश के लिए एक स्थिर और विस्तार योग्य माहौल तैयार करता है।

इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए नोवोटेल के जनरल मैनेजर विनीत कुमार मिश्रा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को अब रोजगार सृजन, सेवा क्षेत्र की वृद्धि और क्षेत्रीय विकास के संरचित योगदानकर्ता के रूप में मान्यता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि अवसंरचना विस्तार, गंतव्य विकास और पेशेवर कौशल प्रशिक्षण पर जोर इस क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों की परिपक्व समझ को दर्शाता है।

मिश्रा ने नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट को राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी संस्थान में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को बेहद महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि इससे अकादमिक प्रशिक्षण और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के बीच लंबे समय से चली आ रही खाई को पाटा जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को कौशल प्रशिक्षण देने की पायलट योजना से सेवा गुणवत्ता और पर्यटकों के अनुभव में सीधा सुधार होगा, जो दोबारा पर्यटन और ब्रांड निर्माण के लिए बेहद जरूरी है।

उच्च सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, बेहतर हवाई और सतही कनेक्टिविटी तथा सिटी इकोनॉमिक रीजन के तहत टियर-2 शहरों पर फोकस के चलते गुवाहाटी जैसे शहर व्यापारिक यात्रा, माइस टूरिज्म, मेडिकल ट्रैवल और सांस्कृतिक सर्किट से विशेष लाभ उठा सकेंगे।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
2,870
Messages
2,902
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top