नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 2026-27 का आर्थिक रोडमैप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण का पूरक है और भारत के लिए एक शानदार भविष्य के निर्माण के लिए मार्गदर्शक के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि यह विकासोन्मुखी बजट है, जिसमें सात प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से जैव फार्मा क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार और विनिर्माण को मजबूत बढ़ावा देगा।
केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का शुभारंभ भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति में बदलने की दिशा में एक साहसिक कदम है।
जोशी ने कहा कि घरेलू विनिर्माण को गति देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना के तहत निवेश को बढ़ाकर लगभग 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा, रेयर अर्थ मिनरल्स के उपयोग, रासायनिक पार्कों की स्थापना और वैश्विक स्तर पर कंटेनर निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपए के समर्थन की घोषणाएं भारत की औद्योगिक नींव को और मजबूत करेंगी।
उन्होंने कहा, "श्रम प्रधान वस्त्र उद्योगों पर विशेष जोर दिया गया है और खादी, ग्राम उद्योगों और हस्तशिल्प में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपए की इक्विटी सहायता प्रदान की गई है।
सार्वजनिक अवसंरचना के लिए रिकॉर्ड 12.2 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो विकास के प्रति सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
उन्होंने कहा कि जन केंद्रित पहलों के तहत बजट में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की योजनाएं, खेलो इंडिया मिशन, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना, नारियल प्रोत्साहन योजनाएं, काजू की खेती के लिए प्रोत्साहन और ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए शी-मार्ट की घोषणा की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अधिक अवसर पैदा करने के लिए विशेष योजनाएं भी शुरू की गई हैं। 17 कैंसर दवाओं पर सीमा शुल्क से पूर्ण छूट मिलने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।"
उन्होंने कहा, "व्यापार प्रक्रियाओं का सरलीकरण, सहकारी क्षेत्र के लिए कई नए कार्यक्रम और आईटी क्षेत्र के लिए मजबूत नीतिगत समर्थन भी बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं।"
मंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर आम नागरिक पर कोई अतिरिक्त कर का बोझ डाले बिना, यह संतुलित और नवाचार-संचालित बजट भारत को दृढ़ संकल्प के साथ एक विकसित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाएगा।