भारत ने पड़ोसियों की विकास सहायता में किया बड़ा बदलाव: नेपाल-अफगानिस्तान का बढ़ा, बांग्लादेश का घटा

भारत ने नेपाल और अफगानिस्तान के लिए बजट आवंटन बढ़ाया, बांग्लादेश के लिए राशि में कटौती


नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत ने अफगानिस्तान, मंगोलिया और नेपाल जैसे कई पड़ोसी देशों के लिए विकास सहायता के बजट में बढ़ोतरी की है, जबकि बांग्लादेश के लिए आवंटन में 60 करोड़ रुपये की कटौती की गई है।

भूटान के लिए भारत की वित्तीय सहायता बढ़ाकर 2,288.56 करोड़ रुपये कर दी गई है। अफगानिस्तान के लिए आवंटन को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपये किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि वहां भारत की नई विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।

नेपाल के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट से 100 करोड़ रुपये अधिक है। श्रीलंका के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट में 300 करोड़ रुपये थे। मंगोलिया के लिए सहायता राशि में भी वृद्धि करते हुए इसे 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

वहीं, बांग्लादेश के लिए वित्तीय सहायता को 120 करोड़ रुपये से घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मालदीव के लिए आवंटन 600 करोड़ रुपये से घटाकर 550 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि म्यांमार के लिए सहायता 350 करोड़ रुपये से घटाकर 300 करोड़ रुपये कर दी गई है।

इसके अलावा, यूरेशियाई देशों के लिए भारत की वित्तीय सहायता घटाकर 38 करोड़ रुपये कर दी गई है, जबकि लैटिन अमेरिकी देशों के लिए सहायता बढ़ाकर 120 करोड़ रुपये कर दी गई है।

ताजा केंद्रीय बजट में विदेश मंत्रालय (एमईए) के कुल बजट में भी बढ़ोतरी की गई है। मंत्रालय का बजट 20,516.62 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 22,118.97 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

रविवार को संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए तीन ‘कर्तव्यों’ का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि सरकार के ‘संकल्प’ को पूरा करने और यह बजट ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार किए जाने के कारण, “हम तीन कर्तव्यों से प्रेरित हैं।”
 

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