नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने रविवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए पेश केंद्रीय बजट में दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ मेटल्स) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े और महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
कुमारस्वामी ने कहा कि बजट में ईवी बैटरियों और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया है और बैटरी निर्माण से जुड़े कस्टम ड्यूटी छूट को जारी रखा गया है। इसके साथ ही, लिथियम-आयन सेल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पूंजीगत सामान पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) से छूट को आगे बढ़ाया गया है, जिससे बैटरी उत्पादन और ईवी सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि सोलर ग्लास के निर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमॉनेट के आयात पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है।
उन्होंने कहा, “इस कदम का उद्देश्य घरेलू सौर विनिर्माण को सशक्त बनाना और ईवी व नवीकरणीय ऊर्जा सप्लाई चेन को समर्थन देना है।”
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि दुर्लभ खनिजों के दोहन और उपयोग की महत्वाकांक्षी योजना को अगले स्तर पर ले जाया गया है। बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की गई है।
उन्होंने बताया कि ये रेयर अर्थ कॉरिडोर, रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) योजना के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 7,280 करोड़ रुपये की परियोजना के विस्तार के रूप में विकसित किए जाएंगे।
इस्पात मंत्रालय के संदर्भ में कुमारस्वामी ने कहा कि बजट में इस्पात क्षेत्र में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को शून्य स्तर (नेट जीरो) तक लाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस्पात, सीमेंट और रिफाइनरी जैसे कार्बन उत्सर्जन वाले क्षेत्रों में कार्बन न्यूनीकरण पहलों के लिए 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से उन्नत तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भारत के प्रमुख उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बने रहेंगे।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री वी. सुनील कुमार ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट देश के समग्र विकास के अनुकूल है, जिसमें कर्नाटक भी शामिल है।
उन्होंने कहा, “आईटी नवाचार, पर्यटन के विस्तार, अंतर्देशीय जल संपर्क, हाई-स्पीड रेल, एमएसएमई और सेवा क्षेत्र पर जोर देकर इस बजट ने भविष्य के लिए तैयार कर्नाटक की मजबूत नींव रखी है।”
पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि अर्थव्यवस्था के सूक्ष्म पहलुओं को प्राथमिकता देकर पर्यटन, कृषि, बागवानी, एमएसएमई, अवसंरचना और आर्थिक कॉरिडोर के विकास को प्रोत्साहन दिया गया है।