नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने रविवार को कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया है, वह सामाजिक न्याय और आर्थिक न्याय देने वाला है। यह सभी वर्गों-विशेषकर युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग को न्याय देने वाला बजट है।
आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इस बजट में छोटे व्यापारियों को राहत दी गई है। मध्यम वर्ग के लोगों को टैक्स में उचित राहत प्रदान की गई है। यह पूरी तरह से ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाला बजट है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बजट को लेकर दिए बयान पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि वे निराश हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस अभी सत्ता में आने वाली नहीं है। इसीलिए वे हर बजट पर इसी तरह की प्रतिक्रिया देते हैं।
उन्होंने कहा कि यह निराशा का नहीं, बल्कि आशावादी और विकास करने वाला बजट है। यह देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला बजट है। इस बजट में दिव्यांगजनों, दलितों और समाज के हर वर्ग को न्याय देने का प्रावधान किया गया है। खड़गे के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। उन्हें शायद इस बजट की पूरी जानकारी ही नहीं है कि इसमें क्या-क्या है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक दूरदर्शी और संतुलित रोडमैप के रूप में सामने आया है। सरकार ने कृषि, एमएसएमई निवेश और निर्यात को विकास के चार मुख्य इंजनों के रूप में पहचान कर अर्थव्यवस्था को गति देने की ठोस योजना पेश की है। विशेष रूप से 'पीएम धन-धान्य कृषि योजना' के जरिए 1.7 करोड़ किसानों की उत्पादकता सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को 3 से बढ़ाकर 5 लाख करना ग्रामीण समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन के मोर्चे पर, यह बजट युवा शक्ति और छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाने वाला है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने यह बजट इसलिए बनाया है कि गरीब मजबूत बने, बच्चा पढ़े और हर परिवार सम्मान के साथ आगे बढ़े।