बजट 2026-27 पर उद्योग जगत उत्साहित: भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, निवेश के लिए बना मजबूत रोडमैप

बजट 2026 से देश की प्रतिस्पर्धात्मकता क्षमता मजबूत होगी, निवेश को मिलेगा बढ़ावा: इंडस्ट्री


नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय बजट 2026-27 राजकोषीय अनुशासन, संरचनात्मक सुधारों और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लक्षित कदमों के माध्यम से भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए एक अच्छा और विश्वसनीय रोडमैप प्रस्तुत करता है। यह जानकारी इंडस्ट्री की ओर से रविवार को दी गई।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रेसिडेंट राजीव मेमानी ने कहा कि बजट भारत की ग्रोथ स्टोरी में ऐसे समय में विश्वास भरने का काम कर रहा है, जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बनी हुई है। इससे निवेशकों को लंबी अवधि के निवेश के लिए नीतिगत स्पष्टता भी मिलती है।

मेमानी ने कहा, "बजट में मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, उससे भारत को उन क्षेत्रों में घरेलू ताकत बनाने में मदद मिलेगी जो आने वाले दशक तक वैश्विक प्रतिस्पर्धा को परिभाषित करेंगे।"

सीआईआई पंजाब के चेयरमैन अमिन जैन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस बजट में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए काफी सारे ऐलान किए है। इसमें मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाना, अधिक श्रम उपयोग वाले टेक्सटाइल के लिए इंटीग्रेटेड प्लान बनाना और हेरिटेज टेक्सटाइल पार्क को दोबारा से विकसित करना शामिल है। इससे देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, 10,000 करोड़ रुपए का एमएसएमई फंड बनाने का ऐलान किया गया है। देश में सबसे ज्यादा एमएसएमई टेक्सटाइल सेक्टर में है। इससे पूरे सेक्टर को फायदा होगा।

भारत चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश पच्चीसिया ने कहा कि यह एक काफी संतुलित बजट है। इससे विकास दर को 7 प्रतिशत पर रखने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने सभी क्षेत्रों के लिए लक्षित योजनाओं की घोषणा की है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए राजकोषीय अनुशासन काफी अच्छा रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत पर रखने का अनुमान लगाया गया है, अगले वित्त वर्ष के लिए इसका लक्ष्य 4.3 प्रतिशत रखा गया है। इससे देश को वैश्विक अस्थिरता के मुकाबले काफी अधिक लचीलापन मिलता है।

पीएचडीसीसीआई के डायरेक्ट टैक्स कमेटी के अध्यक्ष मुकुल बागला ने कहा कि यह बजट सही दिशा में उठाया गया कदम है। मौजूदा समय में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत पर है। इसे कुछ समय बाद 4 प्रतिशत पर ले जाना है। पिछले बजट में काफी सारी टैक्स छूट का ऐलान किया गया था और इस बार का बजट अधिक स्थिरता प्रदान करेगा।

पीएचडीसीसीआई के इनडायरेक्ट टैक्स कमेटी के अध्यक्ष अशोक बत्रा ने कहा कि सरकार ने कस्टम से जुड़े काफी सारे सुधारों का ऐलान किया है। यह एक अच्छा संकेत है। हालांकि, मुझे कुछ ऐसे ही सुधारों की उम्मीद जीएसटी में भी थी।
 

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