पटना की महिलाओं ने बताया बजट को 'सशक्त और समावेशी', स्वास्थ्य-महिला सुविधाओं पर विशेष ध्यान, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

पटना: महिलाओं ने केंद्रीय बजट को बताया 'सशक्त और समावेशी'


पटना, 1 फरवरी। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच बिहार की राजधानी पटना में महिलाओं ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

एक महिला ने आईएएनएस से कहा, "इस बजट में देश के हर वर्ग (युवा, महिलाएं, किसान और गरीब) को साथ लेकर चलने की कोशिश साफ दिखाई देती है। यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि आम लोगों की जरूरतों से जुड़ा हुआ है।"

उन्होंने खास तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए गए प्रावधानों की तारीफ की। उनके मुताबिक, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में राहत देना एक बड़ा और संवेदनशील कदम है, जिससे आम परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अस्पतालों और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाने की योजना को भी उन्होंने सराहनीय बताया।

एक अन्य महिला ने कहा कि बजट में बेटियों और महिलाओं के लिए हर जिले में छात्रावास बनाने की घोषणा बहुत महत्वपूर्ण है। इससे दूर-दराज इलाकों से पढ़ने आने वाली लड़कियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उनका मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव ला सकता है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए 'शी-मार्ट' और विकास केंद्र खोलने की बात को लेकर भी पटना की महिलाओं ने खुशी जताई। उनका कहना है कि इससे गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

एक महिला ने 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह बजट उसी सोच के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री ने तीन मुख्य कर्तव्यों का जिक्र किया है। पहला, देश का समग्र आर्थिक विकास तेजी से आगे बढ़े। दूसरा, जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने वाली नीतियां बनाई जाएं। तीसरा, 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के सिद्धांत पर चलते हुए आगे बढ़ा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जब एक महिला वित्त मंत्री बजट पेश करती हैं, तो वह घर और समाज की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ पाती हैं। इसलिए, इस बजट में छोटी-छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखा गया है, चाहे वह स्वास्थ्य, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, या सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा हो।

महिला ने कहा कि इस बजट से यह संदेश जाता है कि देश की प्रगति की शुरुआत आखिरी पंक्ति से होती है, यानी महिला, किसान, गरीब और युवा से। यही वर्ग देश की असली ताकत हैं और इन्हीं के विकास से भारत आगे बढ़ेगा।

पटना की महिलाओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को नौवीं बार बजट पेश करने के लिए बधाई दी और इसे एक सशक्त महिला का सशक्त बजट बताया।
 
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