जम्मू, 1 फरवरी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक और विकास की ओर भारत को ले जाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक तेजी को प्राथमिकता देते हुए भविष्य के लिए टिकाऊ आधारभूत संरचना का निर्माण करेगा।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि बजट में जम्मू और कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिनसे पर्यटन उद्योग को नए अवसर मिलेंगे और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया, जिन्होंने इन पहलों के लिए समर्थन दिया।
मनोज सिन्हा ने बजट में विशेष रूप से विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, शहरी विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सप्लाई नेटवर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर जोर देने की सराहना की। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में विस्तार से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मनोज सिन्हा ने कहा, "यह बजट भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता को हर क्षेत्र में मजबूत करेगा और यह प्रगतिशील वित्तीय खाका वैश्विक प्रमुखता के लिए नींव रखेगा। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र के विस्तार पर ध्यान दिया गया है, जो देश की आर्थिक प्रगति को गति देगा, जिससे देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही यह बजट सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देते हुए आर्थिक वृद्धि की गति को बढ़ावा देगा।"
इसके अतिरिक्त सेमीकंडक्टर विकास को बढ़ावा देने वाले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की पहल की भी तारीफ की गई, जिसे भारत की तकनीकी स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। इस मिशन से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि यह बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों के सशक्तीकरण के लिए अभूतपूर्व कदम है और इसके माध्यम से एक समृद्ध, समान और टिकाऊ भारत की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जाएगी।
उपराज्यपाल ने यह विश्वास जताया कि यह बजट भारत को एक उच्च विकास दर की ओर अग्रसर करेगा और आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रमुख भूमिका सुनिश्चित करेगा।