शोपियां, 1 फरवरी। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के किसानों में खुशी और उत्साह देखने को मिला। किसानों ने कृषि और बागवानी क्षेत्रों के लिए नए उपकरणों और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की घोषणा का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार के इस कदम से किसानों की मेहनत को नई दिशा और ताकत मिलेगी।
स्थानीय किसानों का मानना है कि बजट में किए गए प्रावधानों से खेती और बागवानी दोनों क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा और आमदनी में सुधार होगा। शोपियां, जो खासतौर पर सेब उत्पादन के लिए जाना जाता है, वहां के किसानों को उम्मीद है कि नई तकनीक और उपकरणों से उनकी फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में बढ़ोतरी होगी।
किसान मोहम्मद याकूब ने आईएएनएस से कहा, "एग्रीकल्चर और हॉर्टीकल्चर के लिए नए टूल लाने की बात के लिए मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद करता हूं। जब नई तकनीक के जरिए किसानों को सिखाया जाएगा, तो कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। हम अपनी जमीन पर ज्यादा मात्रा में सेब की खेती कर पाएंगे और हमारी आमदनी में भी इजाफा होगा।"
स्थानीय निवासी मुजम्मिल ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। उन्होंने कहा, "अगर किसानों की बात करें तो वे कई वर्षों से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। आज हम इसलिए खुश हैं क्योंकि वित्त मंत्रालय ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले से किसानों के जीवन पर सकारात्मक असर पड़ेगा और उनकी स्थिति में सुधार होगा।"
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा किए गए ये प्रयास न केवल खेती को आधुनिक बनाएंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे। शोपियां के खेतों और बागानों में अब एक नई उम्मीद के साथ किसान भविष्य की ओर देख रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि बजट के ये प्रावधान जमीन पर लागू होने से उनकी मेहनत रंग लाएगी और कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।