नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा पर खास फोकस किया है। बायोफार्मा शक्ति से लेकर नई मेडिकल यूनिवर्सिटी और हर जिले में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना होगी। केंद्रीय बजट की इन घोषणाओं की युवाओं ने प्रशंसा की है।
करनाल के एक युवा मुकुल ने कहा, "बजट को लेकर शुरू से ही उम्मीदें थीं, जो उन पर खरा उतरा है। सबसे जरूरी चीजें स्वास्थ्य और शिक्षा हैं। दोनों क्षेत्रों में सरकार ने अच्छा काम किया है। मेडिकल यूनिवर्सिटी और हर जिले में ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे मरीजों को फायदा होगा। सरकार ने बहन-बेटियों के लिए भी हर जिले में छात्रावास की घोषणा करके बड़ी राहत दी है।"
बजट की प्रशंसा करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य हर वर्ग के लिए जरूरी हैं। उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अच्छी घोषणाएं की हैं। हालांकि, टैक्स की दरों में बदलाव नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की घोषणाओं को लेकर करनाल की रचना ने भी सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि सरकार ने स्वास्थ्य व शिक्षा पर ध्यान दिया है। शिक्षा सभी के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि लोग शिक्षित होंगे, तभी देश का विकास हो पाएगा। मेडिकल क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर जैसी घोषणाओं के बाद लोगों को अच्छा और सही इलाज मिल सकेगा। मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाए जाने से देश को डॉक्टर्स भी मिलेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने हेतु रणनीति) का प्रस्ताव किया। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में कार्यरत संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (एएचपी) संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा और अगले पांच वर्षों में एक लाख नए एएचपी जोड़े जाएंगे।
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम और संबद्ध देखभाल सेवा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा और डेढ़ लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को अगले कुछ सालों में प्रशिक्षित किया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। आयुष फार्मेसी और औषधि प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत बनाया जाएगा। इसके अलावा, जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन पारम्परिक औषधि केंद्र का आधुनिकीकरण होगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिला अस्पतालों में आपातकालीन सेवा क्षमताओं को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सेंटर की स्थापना की जाएगी। उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। तीन नए राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों (एनआईपीईआर) के निर्माण और सात मौजूदा संस्थानों के उन्नयन के लिए बायोफार्मा केंद्रित नेटवर्क होगा। केंद्र सरकार बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरीडोर के आसपास चुनौती मार्ग के माध्यम से पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप का निर्माण करने में राज्यों की सहायता भी करेगी।