नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा है कि ‘विकसित भारत बजट’ सबको साथ लेकर चलने वाला बजट है। उनके मुताबिक यह बजट शिक्षा और रोजगार सृजन को नई रफ्तार देता है। साथ ही केंद्रीय बजट देश के विकास के अगले चरण के लिए एक साफ और मजबूत रोडमैप पेश करता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ बनाने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में देश की असली क्षमता सामने आएगी।
उन्होंने बताया कि रेयर अर्थ मिनरल्स आज के दौर में क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा क्षेत्र, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी हैं। इन कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ इन अहम खनिजों के उत्पादन और प्रोसेसिंग में भारत आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल से देश में स्वदेशी क्षमता मजबूत होगी और युवाओं के लिए अभूतपूर्व रोजगार और उद्यमिता के मौके पैदा होंगे। खनन, रिसर्च, प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे कई सेक्टरों में नए अवसर खुलेंगे, जिससे लाखों युवाओं को लाभ मिलेगा। बजट को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह भारत की विकास क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने, सभी वर्गों के समावेशी विकास और ‘विकसित भारत’ के विजन को हासिल करने का ठोस ब्लूप्रिंट है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने की सोच का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए कहा कि यह बजट भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया, युवा-शक्ति पर भरोसा जताने वाला, जन-हितैषी और रोजगार केंद्रित है। खास तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह बजट राहत और उम्मीद लेकर आया है।
धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक, ‘तेज और टिकाऊ आर्थिक विकास, सभी की आकांक्षाओं को पूरा करना और हर परिवार व समुदाय को संसाधन, अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना’—इन तीन कर्तव्यों से प्रेरित यह विकसित भारत बजट हर सेक्टर में विकास को रफ्तार देगा। उन्होंने कहा कि बजट से शिक्षा, नवाचार और स्किलिंग को नई ऊर्जा मिलेगी, एमएसएमई मजबूत होंगे, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, टियर-2 और टियर-3 शहर नए ग्रोथ सेंटर बनेंगे और आम परिवारों की खरीदने की ताकत बढ़ेगी। जेब में ज्यादा पैसा आएगा और सुधारों की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ और तेज होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह बजट इस बात को सुनिश्चित करता है कि आर्थिक विकास का फायदा 140 करोड़ से ज्यादा नागरिकों तक जमीनी स्तर पर पहुंचे, और यही ‘विकसित भारत’ की असली पहचान है।