बजट में छात्राओं को सौगात: हर जिले में महिला छात्रावास, विज्ञान-खगोल पर फोकस, IIMs देंगे 10 हजार गाइड

बजटः प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास, खगोलीय विज्ञान पर ध्यान, आईआईएम देंगे 10 हजार विश्व स्तरीय गाइड


नई दिल्ली, 1 फरवरी। पूरे देश भर में छात्राओं के लिए नए हॉस्टल्स का निर्माण किया जाएगा। छात्राएं विज्ञान के विषयों में पढ़ व आगे बढ़ सकें इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा यह विशेष पहल की गई है। रविवार को संसद में बजट पेश करते समय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने इस पहल का जिक्र किया।

गौरतलब है कि साइंस के कई अच्छे कॉलेजों व तकनीकी संस्थानों में दाखिला लेने के लिए छात्राओं को अपने घर से दूर जाना पड़ता है। वहीं शिक्षा संस्थानों में हॉस्टल की संख्या सीमित होती है। कई शिक्षा संस्थान ऐसे भी हैं जहां रिहायशी हॉस्टल नहीं हैं। ऐसे में अभिभावकों को छात्राओं के रहने व सुरक्षा की चिंता रहती है, लेकिन अब केंद्र सरकार ने छात्राओं के लिए विशेष हॉस्टल खोलने की योजना बनाई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी। दरअसल साइंस, गणित, टेक्नोलॉजी व इंजीनियरिंग जैसे विषयों की पढ़ाई के लिए कॉलेज, यूनिवर्सिटी व विभिन्न तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई के लिए घर से दूर दूसरे राज्यों, शहरों आदि में जाना होता है। यहां प्रयोगशाला एवं पढ़ाई के अन्य कार्यों में सामान्य से अधिक समय व्यतीत करना होता है। ऐसे में अच्छे छात्रावास छात्राओं को साइंस की पढ़ाई के प्रति प्रेरित करेंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में एक और पहल करते हुए खगोलीय ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र पर भी फोकस किया गया है। बजट में बताया गया कि खगोलीय भौतिकी व खगोलीय विज्ञान पर सरकार फोकस करेगी। इसके लिए केन्द्रीय बजट 2026-27 में 4 प्रमुख टेलीस्कोप अवस्थापना सुविधाओं की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इन सुविधाओं में नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्र टेलीस्कोप और द कॉसमॉस-2 प्लेनेटोरियम शामिल हैं। इनसे गहन खगोलीय अध्ययन और खगोल विज्ञान में अनुसंधान, शोध व शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इन 4 टेलीस्कोप का उपयोग भारतीय शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष के गहन अध्ययन में सक्षम बनाएगा।

माना जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हो सकते हैं। वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट संस्थान देश में नए रोजगार उत्पन्न करने में और बड़ी भूमिका निभाएंगे। देश के विभिन्न इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) 10 हजार से ज्यादा शिक्षित टूरिस्ट गाइड तैयार करेंगे। आईआईएम की देखरेख में यहां आठ सप्ताह के उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्र सरकार के मुताबिक ये पाठ्यक्रम हाइब्रिड मोड में चलाए जाएंगे। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से भारतीय युवाओं को विश्व के प्रसिद्ध स्थलों के विषय में आवश्यक ज्ञान व शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। यह शिक्षा युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ेगी।
 

Similar threads

Trending Content

Forum statistics

Threads
2,670
Messages
2,702
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top