बाबूलाल मरांडी बोले: केंद्रीय बजट विकसित भारत 2047 की नींव, बढ़ाएगा आमदनी और रोजगार के नए अवसर

“विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस कदम है केंद्रीय बजटः बाबूलाल मरांडी


रांची, 1 फरवरी। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट को “विकसित भारत 2047” की दिशा में मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि बजट का समग्र दृष्टिकोण आर्थिक विकास को गति देने वाला है। इससे देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बजट भाषण के समापन के बाद मरांडी ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बजट में स्पष्ट रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि आम लोगों की आय कैसे बढ़ाई जा सकती है। रोजगार सृजन, उद्योगों को बढ़ावा और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से युवाओं को रोजगार मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना और सशक्त होगी। नेता प्रतिपक्ष ने दवा उद्योग और मेडिकल टूरिज्म को लेकर किए गए बजट प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि देश को दवा उत्पादन का हब बनाने की दिशा में यह एक अहम पहल है। इससे न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि विदेशी मुद्रा अर्जन में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि कैंसर सहित कई बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह राहत भरा कदम है। उन्होंने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना को झारखंड के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया। मरांडी के अनुसार झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों की पर्याप्त संभावनाएं हैं, ऐसे में मेडिकल टूरिज्म हब बनने से राज्य में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। बजट में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत को उन्होंने ऐतिहासिक सोच से जुड़ा कदम बताया।

उन्होंने कहा कि जिस तरह महात्मा गांधी ने चरखे को जनजागरण का माध्यम बनाया था, उसी तरह स्वदेशी कपड़ा उद्योग और टेक्सटाइल प्रोजेक्ट को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सकता है। मरांडी ने 200 औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना के प्रस्ताव को औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल निर्माण की घोषणा को सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि बजट में दिव्यांगजनों की जरूरतों और सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है, जो इसे समावेशी बनाता है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top