हैदराबाद, 1 फरवरी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजामाबाद जिले में एक्साइज कांस्टेबल गजुला सौम्या की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
25 साल की सौम्या शनिवार रात अपनी गंभीर चोटों के चलते जिंदगी की जंग हार गई। ये चोटें उन्हें कथित तौर पर एक हफ्ते पहले गांजा तस्करों के हमले में लगी थीं।
मुख्यमंत्री ने सौम्या की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उन्होंने कर्तव्य का पालन करते हुए जान गंवाई। उन्होंने पुलिस को आदेश दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार ने सौम्या के परिवार को हर संभव मदद देने का भरोसा भी दिया।
हैदराबाद के निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) की ओर से शनिवार रात जारी बुलेटिन में बताया गया कि डॉक्टरों की टीम ने पूरी कोशिश की, हर जरूरी इलाज और जीवनरक्षक उपाय किए, लेकिन सौम्या को बचाया नहीं जा सका। 31 जनवरी की रात 9.41 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। अस्पताल ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गौरतलब है कि सौम्या को 25 जनवरी की सुबह एनआईएमएस लाया गया था। पहले उन्हें इमरजेंसी विभाग में भर्ती किया गया और बाद में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। वह गंभीर हालत में थीं, बेहोश थीं और जीवन रक्षक मशीन पर थीं।
सौम्या को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उनकी एक किडनी निकाल दी। हालत और गंभीर होने पर उन्हें हैदराबाद के एनआईएमएस शिफ्ट किया गया।
सौम्या को गंभीर चोटें तब लगीं, जब उन्हें निजामाबाद में एक वाहन द्वारा कुचल दिया गया। यह कार कथित 'गांजा' तस्करों की थी। घटना 23 जनवरी को माधवनगर गांव के पास हुई। विशेष एक्साइज टीम ने सूचना मिलने पर कार रोकने की कोशिश की। कार में बैठे चार में से दो संदिग्ध लोग भाग गए। सौम्या कार के सामने खड़ी थीं, तभी ड्राइवर ने अचानक कार तेज कर दी। वह कार के नीचे गिर गई और फिर ड्राइवर ने भागने की कोशिश में कार को पीछे किया और मोड़ लेते समय बिजली के खंभे से टकरा गया।
पुलिस ने ड्राइवर और एक अन्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। बाकी दो की तलाश जारी है। कार से 2.5 किलो गांजा बरामद किया गया। आरोपी यह गांजा निम्मल जिले से निजामाबाद ला रहे थे।
मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सौम्या की मौत बहुत दुखद है, लेकिन कानून अपना काम करेगा। दोषियों को सजा मिलेगी और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।