गहरे तनाव के बीच ईरान का बड़ा संकेत: अमेरिका संग बातचीत के लिए 'खाका' हो रहा है तैयार

बढ़ते तनाव के बीच ईरान बोला- अमेरिका से बातचीत की तैयारी आगे बढ़ रही है


काहिरा, 1 फरवरी। ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित बातचीत के लिए एक ढांचा तैयार किया जा रहा है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बातचीत के ढांचे के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।"

लारीजानी का यह बयान उस बैठक के बाद आया जो उन्होंने शुक्रवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से की। इस बैठक में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।

यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि एक विशाल नौसैनिक बेड़ा (जिसकी अगुवाई विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन कर रहा है) ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप के अनुसार, यह बेड़ा वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है। इससे दोनों देशों के बीच टकराव का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है, हालांकि वाशिंगटन ने सार्वजनिक रूप से कूटनीति की संभावना भी जताई है।

शुक्रवार को इजरायल रक्षा बलों ने बताया कि अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पोत यूएसएस डेल्बर्ट डी. ब्लैक ने रेड सी में स्थित इलात बंदरगाह पर एक नियमित ठहराव किया। यह अमेरिका और इजरायल के बीच जारी सैन्य सहयोग को दर्शाता है।

इसी दिन ट्रंप ने कहा कि उन्होंने तेहरान को सीधे एक समय सीमा दी है, लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकारी शेयर करने से इनकार कर दिया। शनिवार को फॉक्स न्यूज की संवाददाता जैकी हेनरिक ने 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने ट्रंप का साक्षात्कार लिया है, जिसमें राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका बातचीत जारी रखना चाहता है और परिणाम हासिल करने की उम्मीद करता है। उन्होंने यह भी बताया कि वाशिंगटन ने अपने मध्य पूर्वी सहयोगियों को ईरान से जुड़े अपने कदमों की जानकारी नहीं दी है।

तेहरान ने पहले ही संकेत दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन केवल तभी जब बातचीत निष्पक्ष हो और किसी तरह के दबाव या धमकी के बिना की जाए। इसी बीच, ईरान के सेना प्रमुख आमिर हातामी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका कोई भी गलती करता है, तो इससे उसकी अपनी सुरक्षा के साथ-साथ इजरायल और पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

उधर, यमन के एक सैन्य सूत्र ने सिन्हुआ को बताया कि हूती समूह ने क्षेत्रीय तनाव के बीच अपनी युद्ध तैयारी बढ़ाने के लिए कई सैन्य कदम उठाए हैं, जिसमें ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की आशंका भी शामिल है।
 

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