नई दिल्ली, 31 जनवरी। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर कहा कि इस पर चर्चा जरूरी नहीं है कि कोई महिला वित्त मंत्री नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं। जरूरी यह है कि आने वाले वर्षों में लोगों की उम्मीदें कितनी पूरी होंगी।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि हमने पिछले बारह वर्षों में देखा है कि देश की समस्याएं आज भी वैसी ही हैं। गरीबी वैसी ही है, बेरोजगारी वैसी ही है, असमानता वैसी ही है, महिलाओं, युवाओं और किसानों में असंतोष है। सवाल यह है कि कोई भी बजट आने वाले वर्ष में देश को समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों तक क्या सुविधाएं पहुंचाए, इस पर केंद्रित होता है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के घुसपैठ वाले बयान पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि जब गृह मंत्री या प्रधानमंत्री घुसपैठियों की बात करते हैं तो हंसी आती है और हैरानी भी होती है। यह हैरानी की बात है कि जो सरकार सत्ता में है, वही चिल्ला रही है कि घुसपैठिए घुस गए हैं। यह आपकी जिम्मेदारी थी। आप बारह साल से केंद्र में और असम में राज कर रहे हैं। ऐसे में अगर वहां घुसपैठिए घुस गए हैं, तो यह किसकी नाकामी है?
कांग्रेस सांसद ने पूछा कि जहां-जहां चुनाव होता है, वहां घुसपैठिए कैसे पहुंच जाते हैं? सच यह है कि भाजपा घुसपैठियों को निकालना नहीं चाहती है उन्हें बस राजनीति के लिए इस्तेमाल करती है।
हिंदू राष्ट्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि जो लोग हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं, वे भूल जाते हैं कि यह देश गुलामी से निकलकर आजाद हुआ और एक स्वतंत्र भारत बना। इस आजादी के लिए हजारों लोगों ने अपनी जान कुर्बान दी। हमारे पूर्वजों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों के बाद संविधान बना। संविधान धर्मनिरपेक्ष है, जो सभी को साथ लेकर चलने पर विश्वास करता है। किसी जाति या धर्म को आगे रखकर संविधान नहीं बनाया गया है।
पटना नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि यह हैरानी की बात है। इससे पता चलता है कि बिहार पुलिस काबिल नहीं है। आदर्श रूप से इस मामले को तुरंत सुलझाया जाना चाहिए था और सच्चाई सामने आनी चाहिए थी। हालांकि, अगर पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है, तो इसे कराने में कोई बुराई नहीं है। जरूरी बात यह है कि यह जल्दी हो। लोग चाहते हैं कि जो दोषी हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा जल्द दिलाई जाए।