भारतीय तटरक्षक की गौरवशाली 50वीं वर्षगांठ: 1 फरवरी को जश्न, बचाई हजारों जानें, समुद्री सुरक्षा का पर्याय

भारतीय तटरक्षक 1 फरवरी को मनाएगा 50वां स्थापना दिवस, बचाए 11800 से अधिक लोगों की जान


नई दिल्ली, 31 जनवरी। भारतीय तटरक्षक 1 फरवरी 2026 को अपने 50वें स्थापना दिवस का जश्न मनाने जा रहा है, जो देश के प्रति लगभग पांच दशकों की समर्पित और निःस्वार्थ सेवा को दर्शाता है। 1977 में केवल सात सतही जहाजों के साथ अपनी शुरुआत करने वाले भारतीय तटरक्षक ने आज 155 जहाजों और 80 विमानों वाली एक मजबूत समुद्री ताकत के रूप में खुद को स्थापित किया है।

2030 तक भारतीय तटरक्षक अपने लक्ष्य के अनुसार 200 सतही जहाजों और 100 विमानों के स्तर तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है और यह दुनिया की प्रमुख तटरक्षक सेवाओं में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।

1 फरवरी 1977 को स्थापित हुए भारतीय तटरक्षक का उद्देश्य उभरती समुद्री चुनौतियों का सामना करना और भारत के बढ़ते समुद्री हितों की सुरक्षा करना था। सीमित संसाधनों से शुरू होकर, यह आज एक शक्तिशाली, बहुप्रयोगी और अत्यधिक सम्मानित समुद्री बल बन गया है, जिसे समुद्री कानून प्रवर्तन, तटीय सुरक्षा, खोज और बचाव, समुद्री पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सहायता जैसे कार्यों का जिम्मा सौंपा गया है। आज गर्व और विनम्रता के साथ, भारतीय तटरक्षक को 'समुद्र में जीवन रक्षक' के रूप में पहचाना जाता है।

भारतीय तटरक्षक 20.1 लाख वर्ग किलोमीटर के विशेष आर्थिक क्षेत्र और 11,098.01 किलोमीटर की समुद्री तट रेखा पर सतत निगरानी रखता है। जहाजों और विमानों की व्यापक तैनाती, उच्च तकनीक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के साथ, समुद्र में लगातार उपस्थिति बनाए रखती है, जो समुद्री समुदाय को सुरक्षा का भरोसा देती है और उल्लंघनों को रोकती है। यह निरंतर तैयार रहने की क्षमता इसके कर्मियों की कौशल, साहस और पेशेवरिता का प्रमाण है।

स्थापना के बाद से इस संगठन ने 11,800 से अधिक जीवन बचाए हैं, और इसकी विरासत सहानुभूति और साहस से परिभाषित है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना के साथ निकट समन्वय, लक्षद्वीप में साहसी बचाव अभियान और केरल तट पर तीन बड़े समुद्री हादसों का सफल संचालन, भारतीय तटरक्षक की तत्परता और क्षमता को दर्शाते हैं।

भारतीय तटरक्षक लिंग समानता और समावेशिता के लिए प्रतिबद्ध है, समुद्री, विमानन और तटीय भूमिकाओं में महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है और सम्मान, योग्यता और आपसी विश्वास पर आधारित पेशेवर माहौल को बढ़ावा देता है।

प्रधानमंत्री के अमृत काल की प्रेरणादायक दृष्टि और सागर व महासागर के सिद्धांतों के आधार पर भारतीय तटरक्षक भारत के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, विकास, सहयोग और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में कार्य करता है। आज के समय में भारत के समुद्र केवल सुरक्षा की सीमाएं नहीं हैं, बल्कि साझेदारी, प्रगति और साझा भाग्य के मार्ग हैं।

सबसे महत्वपूर्ण, भारतीय तटरक्षक की असली ताकत इसके कर्मियों में है। संगठन अपने पूर्व कर्मियों को सलाम करता है, जिनकी दृष्टि और समर्पण ने इस गौरवशाली सेवा की नींव रखी, और उनके परिवारों के समर्थन को भी मानता है, जो इसकी अदृश्य शक्ति हैं।

50वें स्थापना दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक के सभी कर्मियों को हार्दिक बधाई दी, उनकी उपलब्धियों की सराहना की और भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी।
 

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