अवैध कॉल सेंटर से अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी: ED ने पंजाब-हरियाणा-दिल्ली में 9 ठिकानों पर की बड़ी छापेमारी

अवैध कॉल सेंटर और साइबर ठगी मामला: ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 9 ठिकानों पर छापेमारी


जालंधर, 31 जनवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल कार्यालय ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में 29 जनवरी 2026 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई।

ईडी के अनुसार, यह जांच उन लोगों के खिलाफ चल रही है जो अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराधों का नेटवर्क संचालित कर रहे थे और ऑनलाइन माध्यम से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे। तलाशी अभियान के दौरान जोनी, दक्षय सेठी, गौरव वर्मा सहित अन्य आरोपियों के आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई।

ईडी ने यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई), संयुक्त राज्य अमेरिका से प्राप्त जानकारी पर आधारित थी। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। आरोप है कि इन लोगों ने अमेरिकी नागरिकों से मिलियन डॉलर की ठगी की।

ईडी की जांच में सामने आया कि ‘डिजीकैप्स-द फ्यूचर ऑफ डिजिटल’ नाम से संचालित अवैध कॉल सेंटर में 36 कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंदरजीत सिंह भाली और निखिल शर्मा शामिल थे, जो जोनी, दक्षय सेठी और गौरव वर्मा की निगरानी में काम कर रहे थे।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर के नाम पर फंसाते थे। इस दौरान पीड़ितों की महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुराई जाती थी और उन्हें अमेरिकी आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) की कार्रवाई का डर दिखाकर धमकाया जाता था। इसके बाद पीड़ितों को क्रिप्टोकरेंसी खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था। यह राशि विदेशी पीड़ितों के खातों से क्रिप्टो वॉलेट्स में भेजी जाती थी और फिर उसे ब्लिस इंफ्राप्रॉपर्टीज एलएलपी और ब्लिस इंफ्रावेंचर्स एलएलपी जैसी शेल कंपनियों के माध्यम से निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट में निवेश किया गया। तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई डिजिटल डिवाइस और 34 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की है, साथ ही ऐसे आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं जो आरोपियों को भारत और विदेशों में महंगे निवेश और अचल संपत्तियों की खरीद से जोड़ते हैं।

ईडी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
2,533
Messages
2,565
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top