एक्साइज ड्यूटी में 1.18 करोड़ का फर्जीवाड़ा: सीबीआई कोर्ट ने 3 दोषियों को सुनाई 3 साल की कैद

एक्साइज ड्यूटी रिबेट घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने 3 लोगों को सुनाई 3 साल की सजा


अहमदाबाद, 31 जनवरी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने एक्साइज ड्यूटी में धोखाधड़ी के मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला करीब 17 साल पुराना है।

इस मामले में जिन तीन लोगों को को सजा सुनाई गई है, उनके नाम समीर फतेह मोहम्मद इमामुद्दीन (जो फिलहाल फरार है), तेजस अरविंदभाई देसाई और अमित मुरारीलाल गुप्ता हैं। अदालत ने तीनों को तीन साल की कैद और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। इन पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज के जरिए एक्साइज ड्यूटी में 1.18 करोड़ रुपए से ज्यादा की गलत तरीके से रिबेट हासिल की थी।

सीबीआई ने 20 फरवरी 2009 को एफआईआर दर्ज की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश रची और एम/एस साईं इम्पेक्स, सूरत के नाम पर फर्जी निर्यात दस्तावेज को असली बताकर पेश किया। इन दस्तावेज के आधार पर कुल 51 रिबेट क्लेम एप्लिकेशन दाखिल की गईं और करीब 1 करोड़ 18 लाख 39 हजार 833 रुपए की एक्साइज ड्यूटी की रिबेट गलत तरीके से हासिल कर ली गई। इससे सेंट्रल एक्साइज, सूरत को सीधा आर्थिक नुकसान हुआ।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 30 नवंबर 2009 को चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें समीर फतेह मोहम्मद इमामुद्दीन, घनश्याम गोर्धनभाई रफलिया, तेजस अरविंदभाई देसाई और अमित मुरारीलाल गुप्ता शामिल थे।

मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी घनश्याम गोर्धनभाई रफलिया की मौत हो गई, जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया। बाकी तीन के खिलाफ ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी माना। अदालत ने साफ कहा कि आरोपियों ने सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के इरादे से फर्जीवाड़ा किया और गलत तरीके से एक्साइज ड्यूटी की रिबेट हासिल की।
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
9,870
Messages
9,907
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top