नई दिल्ली, 31 जनवरी। भाजपा के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने देश की अर्थव्यवस्था, केंद्रीय आम बजट, महिला सशक्तीकरण और मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर अहम बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम काफी मजबूत हुआ है और सरकार ने स्वरोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से कहा, "अगर हम एक नजर डालें तो स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिला है और आत्मनिर्भरता से जुड़ी कई योजनाओं पर काम हुआ है। आगे देखते हुए संभावना है कि वर्ष 2026 में जीडीपी ग्रोथ रेट अस्थायी रूप से 7.4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो एक बड़ा पड़ाव होगा।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2016 या तीन साल पहले की स्थिति में जीडीपी ग्रोथ करीब 6.5 प्रतिशत के आसपास आंकी जा रही थी।
केंद्रीय आम बजट पर बोलते हुए उन्होंने महिला सशक्तीकरण का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "महिला सशक्तीकरण का इससे बड़ा प्रतीक और क्या हो सकता है कि देश की महिला वित्त मंत्री लगातार नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर महिलाओं के सशक्तीकरण की बात करते हैं और यह उसका सबसे मजबूत उदाहरण है।"
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही बजट रविवार को पेश होगा, लेकिन आर्थिक सर्वेक्षण पहले ही देश की अर्थव्यवस्था की साफ तस्वीर दिखा चुका है।
दूसरी ओर महाराष्ट्र की सियासत पर बोलते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि अजित पवार एनडीए का एक मजबूत स्तंभ थे और उनके जाने से महायुति को बड़ा झटका लगा है। अब उनकी पार्टी नेतृत्व को लेकर फैसला कर रही है।
उन्होंने कहा, "जो भी नेतृत्व संभालेगा, उसे एनडीए और देश दोनों स्वीकार करेंगे। इस कठिन समय में भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह अजित दादा के परिवार के साथ खड़ी है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश शर्मा ने असम के पारंपरिक गमछे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह गमछा पूरे देश में असम की पहचान बन चुका है। अगर कोई इसे स्वीकार नहीं करता, तो न सिर्फ असम के लोग बल्कि पूरा देश इसे अपमान के रूप में देखता है। इस तरह की नफरत नहीं होनी चाहिए।
अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर बोलते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है। रक्षा क्षेत्र से लेकर छोटे उद्योगों तक उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। यूरोपीय संघ के साथ समझौतों के बाद भारत के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का भारत पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है।