नई दिल्ली, 31 जनवरी। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी की संपत्तियों को जब्त करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट इस मामले में अपना आदेश 16 फरवरी को सुनाएगा। संजय भंडारी को पहले ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है।
ईडी ने उनकी भारत, दुबई और ब्रिटेन में मौजूद बेनामी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है, जिनमें वसंत विहार, पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, शाहपुर जाट, नोएडा, गुरुग्राम आदि इलाकों की जमीनें और इमारतें शामिल हैं। साथ ही उनकी पत्नी के नाम पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां और बैंक खाते भी हैं। ईडी का आरोप है कि ये संपत्तियां संजय भंडारी की ही हैं और इन्हें बेनामी तरीके से रखा गया है।
सुनवाई के दौरान संजय भंडारी के वकील ने ईडी की संपत्ति सूची पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ईडी ने बेनामी संपत्तियों का जिक्र तो किया है, लेकिन अलग-अलग कैटेगरी में विभाजन नहीं किया। कुछ संपत्तियों का विवरण दिया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे बेनामी कैसे हैं। वकील ने मांग की कि संपत्ति सूची की दोबारा जांच होनी चाहिए।
ईडी ने इन दलीलों का खंडन करते हुए कहा कि भगोड़े आरोपी की दलीलें सुनने की जरूरत नहीं है। एजेंसी ने जोर दिया कि 2020 में दाखिल की गई संपत्ति सूची में शामिल सभी प्रॉपर्टी संजय भंडारी की ही हैं। ईडी ने भंडारी की पत्नी के दावे को भी गलत बताया कि ये संपत्तियां उनकी व्यक्तिगत हैं। एजेंसी का कहना है कि भंडारी ने अवैध तरीके से कमाए पैसे को बेनामी संपत्तियों में निवेश किया है और मनी लॉन्ड्रिंग की है।
यह मामला ब्लैक मनी एक्ट और फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट के तहत चल रहा है। संजय भंडारी 2016 में आयकर छापेमारी के बाद लंदन भाग गए थे। उनकी संपत्तियां जब्त होने से ईडी को बड़ी सफलता मिल सकती है। कोर्ट का 16 फरवरी का फैसला इस मामले में निर्णायक होगा और भविष्य की कार्रवाई तय करेगा।