नई दिल्ली, 30 जनवरी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने हाथों से जवानों को खाना परोसा। सीएम ने इस बात की जानकारी दी।
सीएम विष्णु देव साय ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आईटीबीटी बटालियन परिसर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, डीआरजी और सीएएफ़ के हमारे वीर जवानों के साथ रात्रि भोजन परोसने का अवसर मिला। जवानों की थालियों में भोजन परोसते हुए उनके साहस, शौर्य और राष्ट्र सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास किया। बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास की यह यात्रा हमारे जवानों के शौर्य और बलिदान से ही संभव हो रही है। कठिन परिस्थितियों में देश और प्रदेश की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे इन वीरों का मनोबल बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपका सम्मान-हमारा कर्तव्य।
मुख्यमंत्री बस सेवा का जिक्र करते हुए सीएम साय ने बताया कि मुख्यमंत्री बस सेवा से सुदूर जनजातीय अंचलों में नई रफ्तार आई है। नारायणपुर प्रवास के दौरान, एक समय नक्सलवाद से प्रभावित रहे कुरुषनार से नारायणपुर तक यात्रियों के साथ बस यात्रा कर जमीनी बदलाव को प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर मिला। वर्षों तक माओवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से वंचित रहे इन क्षेत्रों में आज सुरक्षित, नियमित और सुगम आवागमन संभव हो पाया है। नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के तहत चार बसें संचालित हैं, जिनमें से तीन नियद नेल्ला नार मार्गों पर निरंतर सेवाएं दे रही हैं। सुशासन सरकार की यह पहल दूरस्थ जनजातीय अंचलों को विकास और मुख्यधारा से जोड़ने की सशक्त कड़ी है।
सीएम साय ने बताया कि नारायणपुर में 351 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। ये परियोजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ विकास को नई गति देंगी। छत्तीसगढ़ में लाल आतंक समाप्ति की ओर है, जिससे विकास को गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लम्बे समय तक प्रगति से अछूता रहा, अब यहां नवाचार हो रहे हैं। जनजातीय संस्कृति, सभ्यता और विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने हेतु बस्तर ओलंपिक एवं बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। सुशासन सरकार बस्तर के जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि नारायणपुर जिले से 'महतारी वंदन योजना' की 24वीं किस्त जारी की गई। प्रदेश की 68.47 लाख माताओं और बहनों के खातों में 641 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनी है। हमारी सरकार हर महिला तक सम्मान, संबल और सुरक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।