अगरतला, 30 जनवरी। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में शुक्रवार को असम-अगरतला राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना कुमारघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिदांगछड़ा इलाके में हुई, जब अगरतला की ओर जा रहा 12 पहियों वाला मालवाहक ट्रक सामने से आ रहे एक यात्री ऑटो-रिक्शा से टकरा गया। ऑटो-रिक्शा पेचारथल की ओर जा रहा था।
हादसे के बाद दमकल कर्मियों ने क्षतिग्रस्त ऑटो-रिक्शा से चालक समेत छह घायलों को बाहर निकाला और उन्हें कुमारघाट उप-मंडलीय अस्पताल पहुंचाया।
ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही दो लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शेष चार की हालत गंभीर थी। बाद में उन्हें उनाकोटी जिला अस्पताल, कैलाशहर रेफर किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इलाज के दौरान दो और घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। बाकी दो घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इनमें से एक घायल को बेहतर इलाज के लिए असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
मृतकों की पहचान ऑटो-रिक्शा चालक भास्कर गोस्वामी (47), कंचना चकमा (55), हरि शंकर देवात्रता (50) और गौरी मिली चकमा (35) के रूप में हुई है। घायल व्यक्तियों में यात्रापति चकमा (42) और मयरानी देबनाथ (55) शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कुमारघाट के उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी उत्पलेंदु देबनाथ और कुमारघाट थाना प्रभारी संजय दास मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच, सड़क हादसों और मौतों पर अंकुश लगाने के लिए त्रिपुरा सरकार ने कई सख्त सड़क सुरक्षा उपाय लागू करना शुरू कर दिया है। इनमें ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ और ‘नो हेलमेट, नो अटेंडेंस’ जैसी नीतियां शामिल हैं।
राज्य में हेलमेट पहनना अनिवार्य करने, यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप, त्रिपुरा के सभी जिलों में ‘जीरो फेटेलिटी मंथ’ योजना को अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है। इसके तहत ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक, गैर-सरकारी संगठन और आम नागरिक मिलकर काम कर रहे हैं।
साथ ही, यातायात अनुशासन और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता रैलियां, चर्चाएं, जनसंपर्क कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस महीने की शुरुआत में सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने संबंधित विभागों को राज्य में ‘गुजरात मॉडल ऑफ रोड सेफ्टी’ अपनाने के निर्देश दिए थे।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, गुजरात मॉडल उन्नत तकनीक के उपयोग, सख्त कानून प्रवर्तन और दुर्घटना के बाद त्वरित बचाव व तत्काल चिकित्सा सहायता पर आधारित है।