रणथम्भौर की सफारी में अब मोबाइल फोन बैन: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वन विभाग का वन्यजीवों की सुरक्षा को बड़ा कदम

राजस्थान: रणथम्भौर सफारी में मोबाइल फोन बैन, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वन विभाग का फैसला


जयपुर, 30 जनवरी। राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पार्क के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

रणथंबोर टाइगर प्रोजेक्ट के उप वन संरक्षक (पर्यटन) संजीव शर्मा ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य वन्यजीवों की रक्षा करना, उनके प्राकृतिक व्यवहार में बाधा न डालना और वन के शांत वातावरण को बनाए रखना है।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सफारी के दौरान शोर मचाना, रील और वीडियो बनाना, सेल्फी लेना और जानवरों के बहुत करीब जाना जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

वन अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन के उपयोग से पर्यटक अक्सर फोटोग्राफी और सोशल मीडिया सामग्री के लिए जंगली जानवरों के खतरनाक रूप से करीब चले जाते हैं।

इससे कई सफारी वाहन एक ही स्थान पर जमा हो जाते हैं, जिससे वन्यजीवों की प्राकृतिक आवाजाही बाधित होती है और पर्यटकों की सुरक्षा को खतरा होता है।

अधिकारियों ने बताया कि अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेप से जानवरों के व्यवहार पर असर पड़ता है और रणथंबोर जैसे संवेदनशील बाघ आवासों में संरक्षण प्रयासों में बाधा आती है।

वन विभाग ने पहले सफारी गाइडों और वाहन चालकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे विरोध प्रदर्शनों के बाद वापस ले लिया गया था।

हालांकि, इस बार सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया गया है, जिससे सभी आगंतुकों के लिए इसका उपयोग अनिवार्य हो गया है।

इस कदम को जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने और रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों के लिए एक सुरक्षित और अधिक प्राकृतिक अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
 

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