कोलकाता, 30 जनवरी। केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आनंदपुर में हुई आग की घटना का जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया है।
सुकांत मजूमदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आनंदपुर इलाके के गोदाम में लगी भीषण आग की घटना का जिक्र करते हुए सरकार की चुप्पी और जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाए।
मजूमदार ने लिखा, "स्पेन में एक बिजनेस समिट में 'सत्ता' के गलियारों में आराम से घूमने से लेकर आनंदपुर के एक गोदाम से लाशें मिलने के बाद छाई गहरी चुप्पी तक, ये पल एक कड़वी सच्चाई सामने लाते हैं।"
उन्होंने लिखा, "क्या कानून सिर्फ गोदाम मैनेजरों और डिप्टी मैनेजरों के लिए है? पश्चिम बंगाल में, सत्ता के करीब होने की वजह से सुरक्षित लोग जवाबदेही से बचे रहते हैं। वे आजाद घूमते हैं, जबकि सबसे कमजोर लोगों को बार-बार बलि का बकरा बनाया जाता है। जब असर कानून पर हावी हो जाता है, तो न्याय सबसे पहले शिकार होता है।"
यह पोस्ट कोलकाता के आनंदपुर (नजीराबाद) इलाके में 26 जनवरी की तड़के लगी उस भयानक आग से जुड़ा है, जिसमें एक डेकोरेटर्स गोदाम और उससे सटी एक मोमो कंपनी के वेयरहाउस में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेज फैली कि कई मजदूर जिंदा जल गए। अब तक 25 से अधिक जले हुए शव बरामद हो चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।
पुलिस ने मोमो फैक्ट्री के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है।
सुकांत मजूमदार का इशारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया स्पेन यात्रा की ओर है, जहां वे बिजनेस समिट में शामिल हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। कमजोर वर्ग के मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि सत्ता के करीबियों को संरक्षण मिलता है।
भाजपा नेता ने कहा कि जब कानून को प्रभावित किया जाता है, तो सबसे पहले न्याय को नुकसान पहुंचता है।
बता दें कि आनंदपुर अग्निकांड ने पूरे पश्चिम बंगाल में हड़कंप मचा दिया है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटनास्थल का दौरा कर कहा कि यह अधिकारियों की विफलता है। वहीं, भाजपा ने मांग की है कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच हो और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार बड़े अधिकारियों को भी दंडित किया जाए।