बेंगलुरु, 30 जनवरी। बेंगलुरु के नंदिनी लेआउट स्थित वीणा स्कूल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां कक्षा 4 में पढ़ने वाले 10 साल के एक छात्र को होमवर्क पूरा न करने के कारण उसकी क्लास टीचर ने कथित तौर पर बुरी तरह पीटा। पिटाई के बाद बच्चे के हाथों, पैरों और उंगलियों पर कई जगह चोटें आ गईं। इसके अलावा टीचर ने बच्चे को सख्त धमकी भी दी कि वह घर जाकर इस घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बताएगा।
यह पूरी घटना 10 जनवरी को हुई थी, लेकिन मामला तब सामने आया जब बच्चे की मां ने उसके व्यवहार में अचानक बदलाव देखा। मां ने जब बच्चे से बात की उसने रोते हुए सारी बात बता दी। मां ने तुरंत स्कूल पहुंचकर शिकायत की। लेकिन, स्कूल के स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की और गाली-गलौज तक कर दी। इसके बाद मां ने नंदिनी लेआउट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने टीचर एंजेलिना और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 351 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। स्कूल प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलते ही आरोपी टीचर को तुरंत निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बच्चे की चोटों की मेडिकल जांच भी कराई गई है।
बच्चे की मां ने कहा कि स्कूल में बच्चों के साथ इस तरह की शारीरिक सजा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
यह घटना बेंगलुरु में स्कूलों में बच्चों के साथ मारपीट के बढ़ते मामलों में से एक है। कानून के अनुसार स्कूलों में किसी भी तरह की शारीरिक सजा पूरी तरह प्रतिबंधित है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बच्चों में गहरा डर और मानसिक आघात पैदा करती हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बच्चे की मां ने अन्य अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें और किसी भी तरह की मारपीट या धमकी के खिलाफ तुरंत आवाज उठाएं। स्कूलों को बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाना चाहिए। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही अदालत में सुनवाई होने की संभावना है।