नोएडा, 30 जनवरी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यूट्यूबर नीतू बिष्ट के साथ छेड़छाड़, पीछा करने और कार से टक्कर मारने का आरोप लगाया जा रहा है।
वीडियो के वायरल होते ही मामला तूल पकड़ने लगा, जिसके बाद नोएडा पुलिस ने इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार यह घटना करीब एक माह पुरानी है और उस समय ही पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर ली गई थी।
वायरल वीडियो के मुताबिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट कार में सवार हैं और डीएनडी से ग्रेटर नोएडा की ओर जाते हुए कुछ युवकों द्वारा उनका पीछा किया जा रहा है। वीडियो में वह यह कहते हुए सुनाई देती हैं कि 'गाड़ी रोक, गाड़ी रोक, ये लोग बड़ी बदतमीजी से पेश आए हैं।'
वीडियो में नॉलेज पार्क थाना पुलिस भी मौके पर दिखाई दे रही है। नीतू बिष्ट ने इस घटना की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा की थी, जिसके बाद यह वीडियो दोबारा वायरल हो गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र का है। घटना के दिन ओवरटेकिंग को लेकर विवाद की सूचना पुलिस को मिली थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर 27 किलोमीटर तक पीछा करने का दावा भ्रामक है। आरोपियों द्वारा पीड़िता से लिखित रूप में माफी मांगी गई थी, जिसके बाद नीतू बिष्ट और उनके पति ने स्वयं पुलिस से किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने का अनुरोध किया था।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित पक्ष की इच्छा के अनुसार आरोपियों के परिजनों को बुलाया गया और उनसे बॉन्ड भरवाकर कड़ी हिदायत दी गई। इसके बाद आरोपियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट होकर नीतू बिष्ट के पति लखन, जो स्वयं भी यूट्यूबर हैं, ने उसी समय नोएडा पुलिस और थाना नॉलेज पार्क पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया था और इसका वीडियो भी जारी किया गया था।
पुलिस ने यह भी कहा कि यह घटना उस समय भी मीडिया में प्रकाशित हो चुकी थी, लेकिन अब इसे दोबारा इरादतन सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या खबर पर बिना तथ्य जाने विश्वास न करें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।