काठमांडू, 29 जनवरी। भारत ने गुरुवार को चुनावी सहायता के तहत नेपाल को 250 से अधिक वाहन सौंपे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब हिमालयी देश नेपाल 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारी कर रहा है।
यह नेपाल को दी जा रही चुनावी सहायता की दूसरी खेप है। इससे पहले 20 जनवरी को भारत ने 60 से अधिक डबल-कैब पिकअप वाहन और अन्य सामग्री नेपाल को सौंपी थी। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत सरकार आगामी चुनावों के लिए कुल लगभग 650 वाहन उपलब्ध कराएगी, जिन्हें आने वाले हफ्तों में अलग-अलग चरणों में सौंपा जाएगा।
भारतीय दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स राकेश पांडे ने वित्त मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में नेपाल सरकार को ये वाहन सौंपे। इस अवसर पर नेपाल के वित्त मंत्री रमेश्वर प्रसाद खनाल भी उपस्थित थे। यह सहायता नेपाल सरकार द्वारा चुनाव तैयारियों के लिए किए गए अनुरोध के तहत दी जा रही है।
समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री खनाल ने भारत की इस सहायता की सराहना की और कहा कि यह नेपाल की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “यदि नेपाल सरकार को ये सामग्री स्वयं खरीदनी पड़ती, तो मौजूदा संसाधन सीमाओं के बीच सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ता। जब भी नेपाल किसी संकट में रहा है, भारत ने हमेशा पहले उत्तरदाता के रूप में साथ दिया है, चाहे 2015 का विनाशकारी भूकंप हो या अब चुनावों की तैयारी का समय।”
खनाल ने भारत को एक भरोसेमंद विकास साझेदार बताते हुए भारत सरकार और वहां की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत की यह मदद आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत 2008 से ही, जब पहली संविधान सभा के चुनाव हुए थे, चुनाव संबंधी सहायता प्रदान करता आ रहा है।
सितंबर में हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। सरकार द्वारा गठित एक समिति के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कुल 8,430 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए। ऐसे में भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों से नेपाल सरकार को लॉजिस्टिक चुनौतियों से निपटने में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, “भारतीय पक्ष से मिल रहा निरंतर सहयोग और समर्थन न केवल दोनों देशों के बीच बहुआयामी और बहुक्षेत्रीय विकास साझेदारी का सटीक प्रतिबिंब है, बल्कि यह भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरे आपसी विश्वास और मित्रता का भी प्रतीक है।”