नोएडा में ई-चालान फ्रॉड! 'विनगो' ऐप का आसान कमाई का झांसा, पुलिस की गहन पड़ताल जारी, रहें सतर्क

नोएडा: ई-चालान से जुड़े साइबर फ्रॉड में ‘विनगो’ ऐप संदिग्ध, पुलिस की गहन जांच जारी


नोएडा, 29 जनवरी। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा एक ई-चालान से जुड़े साइबर फ्रॉड प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में “विनगो” नामक एक अर्निंग ऐप की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जो प्रथम दृष्टया “ टेलीकॉम मूल आस ए सर्विस ” मॉडल पर कार्य करता प्रतीत हो रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विनगो ऐप आम नागरिकों को बिना किसी विशेष मेहनत के आसान और त्वरित कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाता है।

शुरुआत में उपयोगकर्ताओं का भरोसा जीतने के लिए उन्हें छोटे-छोटे टास्क कराए जाते हैं, जैसे एसएमएस भेजना या मैसेज से जुड़े कार्य, और बदले में त्वरित भुगतान भी किया जाता है। इससे उपयोगकर्ताओं को ऐप वैध प्रतीत होता है। हालांकि, यह ऐप गूगल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है और इंस्टॉल होने के बाद यह प्रतिदिन लगभग 80 से 100 एसएमएस स्वतः भेजता है, जिनका संबंध विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से पाया गया है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, ये तथाकथित मैसेज टास्क देखने में भले ही सामान्य लगते हों, लेकिन वास्तव में इनके जरिए संभावित पीड़ितों तक स्कैम संदेश पहुंचाए जाते हैं। कई मामलों में इन संदेशों का इस्तेमाल साइबर ठगी, फर्जी लिंक और अन्य अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। चिंताजनक पहलू यह है कि अधिकांश उपयोगकर्ता इस सच्चाई से अनजान रहते हैं कि उनकी मोबाइल संख्या और डिजिटल पहचान का उपयोग एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क द्वारा किया जा रहा है।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से विनगो ऐप से जुड़े एक लाख से अधिक उपयोगकर्ता होने का दावा किया जा रहा है। साइबर ठग ऐसे ऐप्स के जरिए विशेष रूप से भोले-भाले, बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बना रहे हैं।

प्रारंभिक लाभ के लालच में आकर उपयोगकर्ता अनजाने में स्कैम चेन का हिस्सा बन जाते हैं, जिससे न केवल वे स्वयं जोखिम में पड़ते हैं बल्कि दूसरों को भी ठगी का शिकार बनाने में अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करते हैं।

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना श्रम के अधिक कमाई का वादा करने वाले एसएमएस टास्क, मैसेज फॉरवर्डिंग, रेफरल आधारित या डिपॉजिट मांगने वाले किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विनगो ऐप एक टेलीकॉम मूल एस ए सर्विस ऐप” है और इसे इंस्टॉल न करने की सख्त सलाह दी जाती है।

पुलिस ने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध ऐप, अनचाहे कमाई के प्रस्ताव या साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधि की जानकारी तुरंत भारत सरकार के I4सी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के “ सस्पेक्ट रिपोर्टिंग” फीचर के माध्यम से या अपने नजदीकी पुलिस थाना में दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
 
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