नई दिल्ली, 29 जनवरी। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने गुरुवार को अपने प्रमुख राष्ट्रीय परामर्श सम्मेलन 'शक्ति संवाद' का आयोजन किया। सम्मेलवन में देश भर के राज्य महिला आयोगों के प्रमुख हितधारकों को महिलाओं और बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच के रूप में आमंत्रित किया गया। यह मंच जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिए सहयोगात्मक संवाद, अनुभव साझा करने और संस्थागत तंत्र को मजबूत करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।
उद्घाटन सत्र में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सतत सामाजिक परिवर्तन लाने में जमीनी स्तर पर कार्यरत महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि समाज को बदलने की सच्ची शक्ति सशक्त महिलाओं में निहित है और उन्होंने समतावादी समुदायों के निर्माण में सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे बेटों को शिक्षित करना हमारी बेटियों को शिक्षित करने से भी अधिक महत्वपूर्ण है। जब लड़कों को सम्मान, समानता और जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा, तभी हम एक ऐसा समाज बना सकते हैं जहां महिलाएं सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करें।
इस अवसर पर उन्होंने पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया और एनसीडब्ल्यू के प्रकाशन 'सफरनामा' का विमोचन किया, जिसमें आयोग की संस्थागत यात्रा और प्रभाव का दस्तावेजीकरण किया गया है।
शक्ति संवाद में 'बाल विवाह मुक्त भारत' लक्ष्य पर गहन चर्चा हुई, जिसमें सामुदायिक भागीदारी, जागरूकता और राज्य आयोगों के साथ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन के लिए रणनीतिक उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
विचार-विमर्श में जन सुनवाई के लिए रणनीतिक रोडमैप की व्यापक समीक्षा भी शामिल थी, जिसका उद्देश्य शिकायत निवारण प्रणालियों को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर महिलाओं तक एनसीडब्ल्यू की पहुंच का विस्तार करना है।
राष्ट्रीय महिला आयोग 30 जनवरी 2026 को अपना 34वां स्थापना दिवस मनाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।