काठमांडू, 29 जनवरी। नेपाल में 5 मार्च 2026 को चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में भारत की तरफ से चुनाव के सकुशल आयोजन के लिए मदद भेजी जा रही है। भारत ने चुनाव से जुड़ी मदद की दूसरी खेप नेपाल को वित्त मंत्री रमेशोर प्रसाद खनल की मौजूदगी में सौंपा। भारत की तरफ से मदद का दूसरी खेप नेपाल में भारतीय दूतावास के प्रभारी डॉ. राकेश पांडे ने गुरुवार को काठमांडू में वित्त मंत्रालय में हुए एक सेरेमनी के दौरान सौंपी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत ने मदद की दूसरी खेप में नेपाल सरकार को 250 से ज्यादा गाड़ियां सौंपीं। नेपाल में होने वाले आगामी चुनाव से पहले अंतरिम सरकार की ओर से मदद मांगी गई थी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वित्त मंत्री रमेशोर प्रसाद खनल ने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और दोस्ताना रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने सप्लाई के लिए भारत सरकार और लोगों को धन्यवाद भी दिया और आने वाले चुनाव की तैयारियों में उनकी अहमियत की सराहना भी की।
भारत सरकार की तरफ से चुनाव से जुड़ी मदद का पहला हिस्सा 20 जनवरी को नेपाल को सौंपा गया था। आने वाले हफ्तों में अगले बैच में और डिलीवरी होने की उम्मीद है।
भारत की तरफ से चल रहा सहयोग और समर्थन न सिर्फ दोनों देशों के बीच मौजूद कई तरह की और कई सेक्टर वाली विकास साझेदारी को दिखाता है, बल्कि भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरे आपसी भरोसे और दोस्ती को भी दिखाता है।
नेपाल में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की तरफ से चुनाव से जुड़ी मदद का दूसरा हिस्सा, जिसमें 250 से ज्यादा एसयूवी और डबल-कैब पिकअप शामिल हैं, आज नेपाल सरकार को डॉ. राकेश पांडे ने वित्त मंत्री रमेशोर प्रसाद खनल और कार्यवाहक चीफ इलेक्शन कमिश्नर राम प्रसाद भंडारी की मौजूदगी में औपचारिक तौर पर सौंपा। नेपाल सरकार की अपील पर भारत सरकार आने वाले चुनावों की तैयारियों के लिए गाड़ियां और दूसरा सामान तोहफे में दे रही है।"
नेपाल में सितंबर 2025 में तब की केपी ओली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई को लेकर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पूरी दुनिया में इस विरोध प्रदर्शन को जेनजी आंदोलन के नाम से जाना जाता है। जेनजी आंदोलन के तहत केपी ओली की सरकार गिरा दी गई। जेनजी प्रोटेस्ट के दौरान भारी हिंसा देखने को मिला।