तिरुवनंतपुरम, 29 जनवरी। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विधानसभा में पेश किए गए बजट को राज्य के व्यापक विकास और लोगों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने एक लोकप्रिय और संतुलित बजट पेश किया है, जिसमें सभी वर्गों की जरूरतों का खास ध्यान रखा गया है।
सीएम पिनाराई विजयन ने बताया कि एलडीएफ सरकार पिछले दस साल से केरल को एक आधुनिक और मध्यम आय वाले समाज में बदलने की दिशा में काम कर रही है। 2022 की 14वीं पंचवर्षीय योजना में इसी लक्ष्य को तय किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसा समाज दो मुख्य आधारों पर टिका होना चाहिए। पहला, संविधान के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार कल्याणकारी राज्य बनाना। दूसरा, आर्थिक विकास के लिए पूंजी निवेश बढ़ाना और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना। आंकड़ों से साफ है कि केरल इन दोनों लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बजट के प्रस्तावों को तेजी से लागू करने से राज्य में और बड़ी प्रगति होगी।
कुछ लोगों की यह टिप्पणी है कि पिछले दस साल में जो काम नहीं हो सका, उसे अब बजट में घोषित किया गया है। इसे मुख्यमंत्री ने निराशा से उपजा बचकाना आरोप बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में कई ऐसी परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। नेशनल हाईवे के विकास से लेकर विझिंजम पोर्ट के दूसरे चरण तक इसके स्पष्ट उदाहरण हैं। कोई भी इन हकीकतों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री ने कल्याणकारी योजनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बजट से पहले आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 1,000 रुपए बढ़ाया गया था, अब बजट में एक हजार रुपए और बढ़ाए गए हैं। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, प्री-प्राइमरी शिक्षकों और साक्षरता प्रेरकों का मासिक वेतन भी 1,000 रुपए बढ़ाया गया है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बचे हुए डीए और डीआर की किस्तों का पूरा भुगतान किया जाएगा। फरवरी के वेतन के साथ डीए की एक किस्त मिलेगी, जो कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। अंशदायी पेंशन योजना की जगह 1 अप्रैल से सुनिश्चित पेंशन योजना लागू हो रही है। वेतन संशोधन में पांच साल के सिद्धांत को भी अपनाया गया है।
इस बजट में इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव कम करने के लिए 100 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक ऐलान किया गया है। रोजगार गारंटी योजना के लिए पिछले सालों से 1,000 करोड़ रुपए ज्यादा दिए गए हैं। ऑटो रिक्शा स्टैंड को स्मार्ट बनाने और गिग वर्कर्स के लिए आधुनिक गिग हब बनाने का प्रावधान भी शामिल है। सरकारी और सहायता प्राप्त आर्ट्स-साइंस कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट पढ़ाई मुफ्त कर दी गई है। 'कनेक्ट टू वर्क' स्कॉलरशिप के लिए 400 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट मजदूर, किसान, मध्यम वर्ग, सरकारी कर्मचारी और कारोबारी समुदाय सहित सभी के लिए राहत लेकर आया है। साथ ही, यह बजट केंद्र सरकार द्वारा संघवाद और संवैधानिक मूल्यों पर किए जा रहे हमलों का मजबूत राजनीतिक जवाब भी है। उधार लेने की सीमा पर लगाए गए प्रतिबंध और राज्यों को उनके टैक्स हिस्से से वंचित करने की नीतियां केरल को परेशान कर रही हैं। यह बजट केंद्र की ऐसी नीतियों के खिलाफ केरल के विरोध को दर्ज करता है।