देहरादून, 29 जनवरी। उत्तराखंड के विकास नगर इलाके में 18 साल के एक कश्मीरी युवक पर हुए हमले के बाद मामला उच्च स्तर पर उठाया गया।
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने इस घटना को उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ के सामने रखा। डीजीपी ने आश्वासन दिया है कि पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीजीपी के अनुसार, विकास नगर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 117(2) और 352 के तहत आरोप लगाए गए हैं। मुख्य आरोपी संजय यादव को हिरासत में ले लिया गया है और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी जांच चल रही है। पुलिस ने कहा है कि पूरी जांच पारदर्शी तरीके से की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी तरह की सांप्रदायिक धमकियों या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कश्मीरी छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी। उन्होंने वादा किया कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई होगी, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना दोहराने की हिम्मत न करे।
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने इस त्वरित कार्रवाई को स्वागत योग्य पहला कदम बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि घटना चिंताजनक है, क्योंकि यह सांप्रदायिक प्रोफाइलिंग, भीड़ हिंसा और धमकियों का मामला है। खासकर उन लोगों के खिलाफ जो ईमानदारी से मेहनत करके रोजी-रोटी कमा रहे हैं।
एसोसिएशन ने मांग की है कि जांच समयबद्ध और पारदर्शी हो, ताकि दोषियों को सजा मिले और समाज में मिसाल कायम हो।
यह घटना राज्य में रहने वाले कश्मीरी युवाओं और छात्रों के बीच चिंता का विषय बनी हुई है। एसोसिएशन ने सभी से अपील की है कि ऐसे मामलों में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाए। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।